पूरी दुनियां में तबाही मचाने के बाद ब्रिटेन में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दी है। और अब यहां कोरोना वायरस का नया वेरिएंट EG.5.1 काफी तेजी से फैल रहा है। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने कोरोना के नए वेरिएंट को ‘एरिस’ नाम भी दिया गया है। UKHSA के मुताबिक, ईजी.5.1 (एरिस) को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 3 जुलाई, 2023 को इसे कोरोना के नए वेरिएंट के रूप में पहचाना गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो हफ्ते पहले ही ईजी.5.1 वेरिएंट पर नज़र रखना शुरू कर दिया था।
नया वेरिएंट कितना खतरनाक है ?
WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेबियस ने कहा था कि लोग टीकों और पूर्व संक्रमण से बेहतर सुरक्षित हैं, लेकिन देशों को अपनी सतर्कता में कमी नहीं लानी चाहिए। नया वेरिएंट कितना खतरनाक है, इस बारे में उन्होंने कहा कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि नया वेरिएंट अधिक गंभीर है। क्योंकि UKHSA के नए डेटा से पता चला है कि ब्रिटेन में मिले रहे कोरोना के नए मामले में एरिस से संक्रमित मरीजों की संख्या 14.6 प्रतिशत है।
मरीजों में ही कोरोना की पुष्टि
UKHSA के रेस्पिरेटरी डेटामार्ट सिस्टम के जरिए 4,396 सैंपल में से 5.4 प्रतिशत मरीजों में ही कोरोना की पुष्टि हुई, जबकि पिछली रिपोर्ट में 4,403 में से 3.7 प्रतिशत थे। UKHSA के टीकाकरण चीफ डॉक्टर मैरी रामसे ने कहा कि इस सप्ताह की रिपोर्ट में कोरोना मामलों में वृद्धि देख रहे हैं। विशेषकर बुजुर्गों में कोरोना के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। हम बारीकी से निगरानी रख रहे हैं।


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