दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) में एक जमीन आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को बड़ा ऐक्शन लिया। दरअसल, डीडीए के तीन पूर्व आला अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन का गैर-कानूनी ढंग से आवंटन किया। इस संबंध में सीबीआई ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ और शामली में 14 स्थानों पर धड़ाधड़ छापेमारी की।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने डीडीए के तत्कालीन सहायक निदेशक सुधांशु रंजन, अजीत कुमार भारद्वाज, तत्कालीन वरिष्ठ सचिवालय सहायक, डीडीए, दरवान सिंह, तत्कालीन सुरक्षा गार्ड (डब्ल्यू/सी), डीडीए और निजी व्यक्ति इकबाल हुसैन, सुनील कुमार मीणा, सपन कुमार, जमालुद्दीन, राजवंत सिंह और शकुंतला देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में सरिता विहार के पास मदनपुर खादर इलाके में झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर का उपयोग करके कई डीडीए भूखंडों के अवैध आवंटन का आरोप लगाते हुए एक शिकायत पर मामला दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि एजेंसी की टीम ने उत्तर प्रदेश के दिल्ली, लखनऊ और शामली जिले में 14 स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें डीडीए नोटिस, रजिस्टर, जीपीए, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, हलफनामा, बिक्री समझौते सहित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में सरिता विहार के पास मदनपुर खादर इलाके में झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर का उपयोग करके कई डीडीए भूखंडों के अवैध आवंटन का आरोप लगाते हुए एक शिकायत पर मामला दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि एजेंसी की टीम ने उत्तर प्रदेश के दिल्ली, लखनऊ और शामली जिले में 14 स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें डीडीए नोटिस, रजिस्टर, जीपीए, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, हलफनामा, बिक्री समझौते सहित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।


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