रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के जरिए आसियान समिट में हिस्सा लिया। आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ हुई इस बैठक में राजनाथ सिंह ने दुनिया के लिए खतरा बने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने सामूहिक सहयोग से आतंकवाद को खत्म करने के प्रयासों को बल दिया।
समिट को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, भारत की अवधारणा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ है। पूरी दुनिया एक परिवार है। ये और प्रासंगिक हो गई है। वर्तमान क्षेत्रिय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा माहौल को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के सामने नई चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा, भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी व्यवस्था का आह्वान करता है जो राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर आधारित हो और विवादों का समाधान अंतर्राष्ट्रीय नियमों और कानूनों के माध्यम से बातचीत से शांतिपूर्वक हो।
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उन्होंने कहा, दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के साथ भारत का जुड़ाव नवंबर 2014 में पीएम मोदी द्वारा घोषित ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ पर आधारित है। इस नीति के महत्वपूर्ण तत्व आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंध बढ़ाना और इंडो पैसिफिक क्षेत्र के देशों के साथ रणनितिक संबंध स्थापित करना है।
आतंकवाद और कट्टरपंथ दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए खतरा हैं जिनका आज दुनिया सामना कर रही है। भारत विश्वास करता है कि सिर्फ सामूहिक सहयोग से ही आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है।


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