पंडित दीनदयाल जयंती पर बोले धनखड़- कोई वास्तव में कैसे भारत की आत्मा को समझ सकता है

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने औपचारिक तौर से रविवार को स्पष्ट किया कि आज के दिन भाजपा के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है इस उपलक्ष्य पर उपराष्ट्रपित ने श्रद्धाजंलि अर्पित की ।  इस अवसर पर धनखड़ ने नम आंखों से प्रकट किया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय मानवतावादी और असाधारण दूरदर्शी का एक उदहारण हैं। 
कोई वास्तव में कैसे भारत की आत्मा को समझ सकता- धनखड़

उपराष्ट्रपति सचिवालय ने धनखड़ के हवाले से ट्वीट किया, “महान राष्ट्रवादी, मानवतावादी और असाधारण दूरदर्शी पंडित दीनदयाल जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।” 1916 में मथुरा में जन्मे पंडित दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी और जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। धनखड़ ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय को उद्धृत करते हुए कहा कि कोई वास्तव में कैसे भारत की आत्मा को समझ सकता है। उन्होंने कहा, “अगर भारत की आत्मा को समझना है तो इस देश को राजनीतिक या आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नजरिए से देखना चाहिए।”

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