राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद दिग्विजय सिंह को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लग गया है। अपने ही एक बयान को लेकर शुरू हुई चर्चाओं पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष की दौड़ में शामिल नहीं हैं।
जबलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे और आलाकमान के निर्देशों का पालन करेंगे। इससे एक दिन पहली ही पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी संभावना को क्यों खारिज किया जा रहा है। उन्होंने भारत जोड़ों यात्रा से ब्रेक लेकर कल ही दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
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कल मीडिया द्वारा शशि थरूर और अशोक गहलोत के बीच उम्मीदवार के बारे में पूछे गए सवालपर उन्होंने कहा था कि ‘देखो। मैं अपने दम पर उतरने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं कर रहा हूं। तुम मुझे बाहर क्यों रखना चाहते हो?’ उन्होंने बताया कि वह 20 साल बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव में भी दावेदार हो सकते हैं । दिग्विजय सिंह ने अपने नामांकन की तारीख के भी संकेत दिए थे।
उन्होंने कहा, ‘सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है… 30 की शाम को आपको जवाब मिल जाएगा’। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने एक टीवी चैनल से कहा, ”मैं साफ कर चुका हूं कि जो भी आदेश होगा हमारे नेतृत्व का उसका पालन दिग्विजय सिंह करता आया है और करता रहेगा। उनके निर्देशों का पालन मेरे लिए सर्वोपरि है। उनके प्रति वफादारी में मैं समझौता नहीं करूंगा, चाहे जो हो जाए।”


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