भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक के. नटराजन ने गुरुवार को बयान दिया है कि, मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमले के बाद से देश की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्य प्राधिकारियों के साथ 300 से अधिक तटीय सुरक्षा अभ्यास किए गए है। उन्होंने कहा, हर छह महीने में आईसीजी (भारतीय तटरक्षक बल) तटीय राज्यों में से एक के साथ ऐसा ही सुरक्षा अभ्यास करता है। यह बात उन्होंने आतंकवादी हमले की 13वीं बरसी से एक दिन पहले कही है।
आतंकवादी खतरे से निपटने के लिए हासिल कर ली है कौशल और दक्षता
नटराजन ने कहा, कई बार हम दो तटीय राज्यों को एक साथ लाकर अभ्यास कर लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप हर किसी ने आतंकवादी खतरे से निपटने के लिए कौशल और दक्षता हासिल कर ली है। 26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादी समुद्र मार्ग से मुंबई पहुंचे और उन्होंने कई स्थानों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी समेत 166 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि, तालमेल और समन्वय एकमात्र मंत्र है जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में 26/11 की तरह कोई घटना न हो। इसलिए आप देख सकते हैं कि, आईसीजी ने पिछले दो वर्षों में काफी ज्यादा मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ा। यह सबूत है कि, आईसीजी ने विभिन्न अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जो तंत्र बनाया है वह प्रभावी है और इसके अच्छे नतीजे आते रहेंगे।
मादक पदार्थ के बारे में भी बोले महानिदेशक
महानिदेशक ने बताया कि, मादक पदार्थ तस्करी के मामले में हम सभी जानते हैं कि भारत में ज्यादातर खेप पाकिस्तान में मकरान तट के जरिए आती है। उन्होंने कहा, हमारे पास इस संबंध में खुफिया सूचना है। उन्होंने बताया कि, गत दो वर्षों में न केवल भारत में बल्कि श्रीलंका और मालदीव में भी करीब 15,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ पकड़े गए। नटराजन ने कहा कि, आईसीजी विभिन्न एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय से काम करता है और इसके परिणामस्वरूप यह संवेदनशील मानी जाने वाली सीमाओं पर निगरानी रखती है चाहे वह पाकिस्तान हो, श्रीलंका या बांग्लादेश। महानिदेशक ने कहा, हमारी मौजूदगी वहां हमेशा रही है और हम 21 लाख वर्ग किलोमीटर के इलाके में निगरानी रखने के लिए तकरीबन 40-44 जहाज और 10-12 विमान तैनात रखते हैं। उन्होंने कहा कि, इसके फलस्वरूप पिछले दो वर्षों में आईसीजी ने समुद्री मार्ग से आ रहे 3.5 टन से अधिक मादक पदार्थ जब्त किये हैं।


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