केंद्र सरकार ने दक्षिण भारतीय राज्यों की चार दिग्गज हस्तियों को बुधवार को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया जिसमें प्रख्यात एथलीट पी.टी. उषा और महान संगीतकार इलैयाराजा शामिल हैं । इस कदम को दक्षिण भारत की जानी मानी हस्तियों को मान्यता देने एवं पहुंच बनाने के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
बुधवार को कर्नाटक में समाजसेवी एवं धर्मस्थल मंदिर के प्रशासक वीरेंद्र हेगड़े और प्रसिद्ध पटकथा लेखक एवं फिल्म निर्देशक वी. विजयेंद्र प्रसाद को भी संसद के उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया।
वी. विजयेंद्र प्रसाद आंध्र प्रदेश से आते हैं और वे शानदार प्रदर्शन करने वाली फिल्म ‘आरआरआर’, ‘बजरंगी भाईजान’ तथा ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों के लिये जाने जाते हैं ।
पी टी उषा केरल से आती हैं । संगीतकार इलैयाराजा केरल से हैं और वे दलित समुदाय से आते हैं ।
राज्यसभा के लिये इन चार हस्तियों को मनोनीत करने का फैसला कुछ दिन पहले हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक के बाद सामने आया है। इस बैठक में भाजपा के विस्तार के अगले चरण के तहत दक्षिणी राज्यों पर ध्यान केंद्रित करने को रेखांकित किया गया था ।
भाजपा कर्नाटक को छोड़कर दक्षिणी राज्यों में पारंपरिक तौर पर मजबूत नहीं है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर सभी हस्तियों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली पी.टी. उषा जी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। खेलों में उनकी उपलब्धियों को व्यापक रूप से पहचाना जाता है। हालांकि, पिछले कई वर्षों में उभरते एथलीटों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका काम भी उतना ही सराहनीय है। राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर उन्हें बधाई।’’
मोदी ने अलग-अलग ट्वीट में अपने बधाई संदेशों के साथ उषा और इलैयाराजा के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा कीं।
उन्होंने कहा, ‘‘इलैयाराजा की रचनात्मक प्रतिभा ने पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उनका कार्य भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाता है। उनकी जीवन यात्रा भी उतनी ही प्रेरक है, वह सामान्य पृष्ठभूमि से आये और बहुत कुछ हासिल किया। खुशी है कि उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।’’
हेगड़े के लिये प्रधानमंत्री ने कहा कि सामुदायिक सेवा में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है । उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे धर्मस्थल मंदिर में पूजा अर्चना करने और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके कार्यो को देखने का मौका मिला । वे निश्चित तौर पर संसदीय कार्यवाही को समृद्ध बनायेंगे। ’’
प्रसाद की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे रचनात्मक दुनिया से दशकों से जुड़े रहे और उनके कार्य भारत की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं और इसकी वैश्विक छाप रही है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उच्च सदन के लिये इनका मनोनयन मोदी सरकार द्वारा विविध क्षेत्रों में छाप छोड़ने वाले उत्कृष्ट भारतीयों को मान्यता देने का एक और उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जिन चार हस्तियों को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया गया है, उनका अपने अपने क्षेत्रों में शानदार करियर रहा है तथा उन्हें उनके योगदान के लिये राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
सूत्रों ने कहा कि इनके आने से राज्यसभा में दक्षिणी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा । सूत्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने लगातार कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि जिन चार हस्तियों को मनोनीत किया गया है, उनमें एक महिला, एक दलित, एक धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से हैं ।


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