राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, मंत्री, सरकारी संगठन, निजी संस्थाएं और व्यक्तियों ने नव निर्मित पीएस केयर्स कोष में रविवार को योगदान दिया है या योगदान देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई में योगदान देने के लिए उनके प्रति आभार जताया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोविड-19 के संकट से निकलने में राष्ट्र की मदद के वास्ते इस कोष में अपनी एक महीने की तनख्वाह देने का संकल्प लिया है और देशवासियों से इसमें उदारता से दान करने की अपील की है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का नियोक्ता रेलवे इस कोष में 151 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
गोयल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद मैं और सुरेश अंगड़ी एक महीने का वेतन देंगे, 13 लाख रेलवे, पीएसयू कर्मचारी एक दिन का वेतन दान करेंगे, जो पीएम-केयर्स कोष में 151 करोड़ रुपये के बराबर होगा।’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी एक महीने की तनख्वाह दान करने की घोषणा की। साथ में, यह भी बताया कि सेना, नौसेना और वायु सेना कर्मी तथा मंत्रालय के कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान करने का फैसला किया है जो 500 करोड़ रुपये होता है।
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने “प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष” (पीएम केयर्स) नाम से एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और इसके सदस्य रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर समेत अन्य ने भी इसी तरह की घोषणाएं कीं।
खेल मंत्री किरण रिजिजू, श्रम मंत्री संतोष गंगवार और विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भी एक माह का वेतन दान किया।
सत्तारूढ़ पार्टी ने ऐलान किया कि उसके सभी सांसद एक महीने की तनख्वाह दान करेंगे। मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि इस कोष को बनाने की मोदी की घोषणा के बाद, पार्टी नेताओं का सारा योगदान इसी मद में जाने की संभावना है।
पार्टी ने अपने 303 लोकसभा और 83 राज्यसभा सांसदों से कहा कि वे सांसद निधि से एक करोड़ रुपये इस विषाणु का मुकाबला करने के लिए आवंटित करें।
जावड़ेकर ने कहा कि वह पीएम केयर्स कोष में एक करोड़ रुपये का दान देंगे। इतनी ही राशि पुणे प्रशासन भी देगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पीएम केयर्स कोष में 21 लाख रुपये दान दिए हैं। सीबीएसई का कहना है कि यह रकम उसने अपने कर्मचारियों से जमा की है जिन्होंने स्वेच्छा से योगदान दिया है।
सीबीएसई ने एक बयान में कहा कि समूह ए के कर्मियों ने दो दिन का वेतन दान दिया है, जबकि समूह बी और सी के कर्मचारियों ने एक दिन की तनख्वाह दी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया कि केंद्रीय सशस्त्र बलों ने इस कोष में 116 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह कर्मियों का एक दिन का वेतन है।
अलग अलग मंत्रालयों ने कहा कि कर्मचारियों का योगदान स्वैच्छिक है।
उपराष्ट्रपति एस वेकैंया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी एक महीने की तनख्वाह दान की।
राष्ट्रपति कोविंद के महीने का वेतन दान करने के संकल्प के बाद, मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ माननीय राष्ट्रपति जी आपको धन्यवाद। राष्ट्रपति जी राष्ट्र की अगुवाई कर रहे हैं और उसे प्रेरित कर रहे हैं। ’’
कोष में योगदान करने के अपने निर्णय को पोस्ट करने के बाद प्रधानमंत्री ने लोगों और संगठनों का धन्यवाद किया और प्रशंसा की।
जेएसडब्ल्यू ने कहा कि वह इस कोष में 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा। इसके बाद मोदी ने कहा कि इससे गरीबों को लाभ होगा।
इसके अलावा फिल्म जगत की कई हस्तियों ने भी इस कोष में दान दिया है या योगदान देने का संकल्प लिया है।


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