राहुल पर गडकरी ने किया पलटवार कहा- मैंने मोदी सरकार या 15 लाख का जिक्र नहीं किया

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नई दिल्ली : 2014 में भाजपा के चुनावी वादों से जुड़ा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान विवादों में आ गया। गडकरी ने एक मराठी कॉमेडी शो के दौरान भाजपा के वादों के बारे में पूछे जाने पर कहा- हमें भरोसा था कि हम सत्ता में नहीं आएंगे। इसलिए हम बड़े वादे करते गए।

इसके बाद राहुल गाँधी ने नितिन गडकरी के इस कथित वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है। इस पर गडकरी ने सफाई में कहा कि उन्होंने मोदी सरकार या 15 लाख रुपए का जिक्र नहीं किया था। मीडिया ने बयान को गलत तरीके से पेश किया।

गडकरी ने कहा, ”मुझसे चुनावी घोषणाओं पर सवाल पूछा गया। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस और गोपीनाथ मुंडे ने मुझसे कहा था कि हम राज्य में टोल खत्म करना चाहते हैं। तब मैंने उनसे कहा कि आप घोषण पत्र में ऐसे वादे मत करिए, जो पूरे न किए जा सकें। जब विपक्ष में रहते हैं तो बहुत से वादे करते हैं। एक अखबार ने इसे नरेंद्र मोदी, भाजपा और 15 लाख रुपए के वादे से जोड़कर छाप दिया, जो 100 फीसदी गलत है।

गडकरी ने कहा ”यह कार्यक्रम मराठी में था। मुझे पता नहीं राहुल गांधी को कब से मराठी समझ आने लगी। उन्हें किसी जानकार से बयान को समझ लेना चाहिए था। लेकिन ऐसा किए बगैर ही उन्होंने ट्विटर पर मेरा अभिनंदन कर दिया। वे पहले भी एक बार ऐसा कर चुके हैं। मैं अपने सभी वादों को पूरा करता हूं और इस कार्यक्रम में जो टोल रद्द करने की बात हुई। देवेंद्र फडणवीस ने उसे भी पूरा किया है।

गडकरी को नाना पाटेकर के साथ एक मराठी शो में बातचीत के लिए बुलाया गया था। सवाल-जवाब के दौरान गडकरी ने कहा, ‘‘हम सभी का दृढ़ विश्वास और प्रखर आत्मविश्वास था कि हम जीवन में कभी सत्ता में आएंगे ही नहीं। इसलिए हमारे आसपास के लोग कहते थे कि आप तो बोलिए, वादे कीजिए, क्या बिगड़ेगा? आप पर कौन-सी जवाबदारी आने वाली है? लेकिन अब जवाबदारी आ गई। अब खबरों में आता है कि गडकरी क्या बोले थे, फडणवीस क्या बोले थे। तो अब आगे क्या? हम हंसते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।’’ इसमें नितिन गडकरी अभिनेता नाना पाटेकर से बातचीत में अपनी ही सरकार की आलोचना करते दिख रहे हैं।  राहुल ने कहा, सही फरमाया, जनता भी यही सोचती है कि सरकार ने लोगों के सपनों और उनके भरोसे को अपने लोभ का शिकार बनाया है।  गडकरी के इस बयान से प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को भाजपा को घेरने का मौका मिल सकता है।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों अपनी चुनावी रैलियों में राफेल डील, नोटबंदी, जीएसटी के अलावा रोजगार और काला धन को लेकर किए वादों पर भी सरकार को घेर रहे हैं।

Desk Team