केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में कहा है कि, एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने आतंकवाद के वित्तपोष्ण से जुड़े 103 मामलों की जांच की है जिनमें से 92.5 प्रतिशत मामलों में दोषसिद्धि हुई। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी देते हुए कहा कि एनआईए ने 103 मामलों की जांच की जिनमें 868 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए और 795 लोग गिरफ्तार किए गए। राय ने बताया कि इनमें से 97 लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए।
आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
संसद में राय ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि, नरेंद्र मोदी सरकार आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की अपनी नीति पर दृढ़ता से कायम है और अलगाववादी तथा आतंकवादी संगठनों के धन प्रवाह में कमी आने से कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पथराव तथा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं में खासी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि, एनआईए ने इस साल आतंकवादियों को आर्थिक सहायता देने को लेकर 151 छापे मारे और 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे मामले काफी संवेदनशील होते हैं : राय
राय ने जांच किए जाने वाले मामलों की विस्तृत जानकारी देने से परहेज करते हुए कहा कि, ऐसे मामले काफी संवेदनशील होते हैं और एनआईए कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों, सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले मामलों सहित देश के खिलाफ होने वाली गतिविधियों की जांच करती है। इस दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने निलंबित सदस्यों का मुद्दा उठाने का प्रयास किया लेकिन उपसभापति हरिवंश ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। बाद में कई विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए।


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