अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि अगले वर्ष बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं ‘मेहरम’ (पुरुष रिश्तेदार) के बगैर हज यात्रा पर जा सकती हैं। नकवी ने हज से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ यहां बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारतीय हज समिति को अब तक 2019 की हज यात्रा के लिए दो लाख 23 हजार आवेदन मिले हैं। उनके कार्यालय द्वारा जारी बयान में उनके हवाले से कहा गया कि इसमें से करीब 47 प्रतिशत महिलाएं हैं।
हज आवेदन प्रक्रिया सात नवंबर 2018 को शुरू हुई थी और इसकी अंतिम तारीख 12 दिसंबर है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दो हजार से अधिक महिलाओं ने 2019 में ‘मेहरम’ के बिना हज जाने के लिए आवेदन किया है और इस संख्या में बढोत्तरी की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में पहली बार केन्द्र ने मेहरम के बिना हज जाने वाली महिलाओं पर लगी पाबंदी हटाई थी और करीब 1300 महिलाएं किसी पुरुष रिश्तेदार के बिना हज यात्रा पर गईं।
नकवी ने कहा कि उन्हें लॉटरी प्रणाली से छूट दी गई और सौ से अधिक महिला हज समन्वयकों और हज सहायिकाओं को भारतीय महिला हज यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार, भारत से रिकार्ड एक लाख 75 हजार 25 मुस्लिम 2018 में हज पर गये और वह भी सब्सिडी के बिना।
भारतीयों के लिए ‘ऐतिहासिक’ है इस साल की हज यात्रा : मुख्तार अब्बास नकवी
मंत्री ने कहा कि हज प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने में मदद मिली। नकवी ने कहा कि हज 2019 के लिए करीब एक लाख 36 हजार आनलाइन आवेदन प्राप्त हुए और निजी टूर आपरेटरों के लिए आनलाइन पोर्टल का भी संचालन हो रहा है।


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