विपक्षी दल सरकार को हटाना चाहते हैं और इसी को लेकर बहस कर रहे हैं, लेकिन एक मंत्री ने पूछा कि विपक्षी नेताओं में से एक राहुल गांधी ने न बोलने का फैसला क्यों किया। इससे विपक्षी दल के कुछ सदस्य नाराज हो गये और उन्होंने मंत्री से बहस कि। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर लोक सभा के अंदर बहस शुरू हो गई है। हालांकि बहस शुरू होने से पहले ही राहुल गांधी के अंतिम समय में भाषण नहीं देने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सवाल उठाया जिसके बाद सदन के अंदर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और प्रल्हाद जोशी के बीच तीखी बहस भी हुई।
अंतिम समय पर राहुल गांधी भाषण देने से पीछे हट गए
केंद्रीय मंत्री जोशी ने गौरव गोगोई द्वारा भाषण की शुरुआत करने पर सदन में खड़े होकर यह कहा कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि कांग्रेस की तरफ से लोक सभा को यह सूचना दी गई कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत गौरव गोगोई की बजाय राहुल गांधी करेंगे लेकिन ऐसा क्या हो गया कि अंतिम समय पर राहुल गांधी भाषण देने से पीछे हट गए और अब गौरव गोगोई ही बोल रहे हैं।
क्या यह सार्वजनिक करना सही है?
जोशी के इतना कहते ही लोक सभा में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में गौरव गोगोई ने सीधे-सीधे स्पीकर आफिस की गोपनीयता और केंद्रीय मंत्री को मिली जानकारी के सोर्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्पीकर के चेंबर में क्या-क्या बातें होती हैं, क्या यह सार्वजनिक करना सही है क्योंकि उन्होंने कभी यह सार्वजनिक नहीं किया कि स्पीकर चैम्बर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या कहा ?
‘उन्हें सदन में सारी बातें बतानी चाहिए’
कांग्रेस सांसद के इस बयान पर विरोध जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़े होकर कहा कि कांग्रेस सांसद गंभीर आरोप लगा रहे हैं, प्रधानमंत्री का नाम ले रहे हैं ,उन्हें सदन में सारी बातें बतानी चाहिए। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी गौरव गोगोई को नसीहत देते हुए कहा कि उनका चेंबर भी सदन है और कभी भी किसी सदस्य को ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जिसमें कोई तथ्य ना हो।


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