शिलांग, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और विकास को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास (ईसीडी) मिशन को भावी पीढ़ियों में दीर्घकालिक निवेश बताया।
मुख्यमंत्री ने ये टिप्पणियां मेघालय प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास मिशन (एमईसीडीएम) के तहत आयोजित ‘एडवांस्ड केयर इकोनॉमी थ्रू ईसीडी फेलोशिप’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए कीं। इस दौरान जमीनी स्तर पर उनके योगदान के लिए ईसीडी फेलो को सम्मानित किया गया।
संगमा ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल में सुधार, अभिभावकों को सहयोग देने और राज्य भर में छोटे बच्चों के लिए एक पोषणकारी वातावरण बनाने में ईसीडी फेलो और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इन अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को मिशन की रीढ़ बताया और कहा कि उनके प्रयास केवल नियमित बाल्यावस्था देखभाल तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों और सामुदायिक स्तर पर सहायता प्रणालियों को मजबूत करने तक फैले हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष शारीरिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बाल देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा में निरंतर निवेश आवश्यक है।
राज्य सरकार एमईसीडीएम के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संस्थागत और सामुदायिक सहायता को मजबूत करना चाहती है कि बच्चों को उचित देखभाल, पोषण, सुरक्षा और प्रारंभिक शिक्षा के अवसर प्राप्त हों।
ईसीडी फेलोशिप कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित पेशेवरों का एक नेटवर्क विकसित करके देखभाल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
ईसीडी फेलो की मान्यता ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले उन व्यक्तियों के योगदान को भी उजागर किया, जो राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं को बच्चों और परिवारों के लिए सार्थक हस्तक्षेप में बदल रहे हैं।
संगमा द्वारा इस मिशन पर जोर ऐसे समय में आया है जब मेघालय प्रारंभिक बाल देखभाल पर ध्यान केंद्रित करके अपने सामाजिक विकास ढांचे को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है, जिसे दीर्घकालिक मानव पूंजी विकास के लिए मौलिक माना जाता है।
इस पहल के तहत बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सहायक जीवन की शुरुआत प्रदान करने के प्रयासों के केंद्र में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और सामुदायिक भागीदारी को रखा गया है।
इस पहल के तहत बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सहायक जीवन की शुरुआत प्रदान करने के प्रयासों के केंद्र में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और सामुदायिक भागीदारी को रखा गया है।
–आईएएनएस
एमएस/
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