केरल में डीएसपी भर्ती विवाद गहराया, गृह मंत्री ने एसआईटी जांच के दिए आदेश

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तिरुवनंतपुरम, 3 नवंबर (आईएएनएस)। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को उन आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है, जिनमें कहा गया है कि केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने नियमों का उल्लंघन कर एक विशेष भर्ती प्रक्रिया के जरिए एसएफआई के एक नेता को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त करने की कोशिश की। चेन्निथला ने क्राइम ब्रांच की एसआईटी की प्रमुख अजिता बेगम को ‘सेव यूनिवर्सिटी फोरम’ के अध्यक्ष आरएस शशिकुमार द्वारा दायर शिकायत की जांच करने को कहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि…

तिरुवनंतपुरम, 3 नवंबर (आईएएनएस)। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को उन आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है, जिनमें कहा गया है कि केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने नियमों का उल्लंघन कर एक विशेष भर्ती प्रक्रिया के जरिए एसएफआई के एक नेता को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त करने की कोशिश की।

चेन्निथला ने क्राइम ब्रांच की एसआईटी की प्रमुख अजिता बेगम को ‘सेव यूनिवर्सिटी फोरम’ के अध्यक्ष आरएस शशिकुमार द्वारा दायर शिकायत की जांच करने को कहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह भर्ती प्रक्रिया पीएससी अध्यक्ष एमआर बैजू के नेतृत्व में आगे बढ़ाई गई थी।

पीएससी ने एर्नाकुलम के एसएफआई नेता केजे जिथिन को विशेष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त करने का निर्णय लिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कदम पिछली एलडीएफ सरकार का कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनकी नियुक्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

इस पद के लिए 17,392 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2025 थी। लिखित परीक्षा 31 दिसंबर को आयोजित की गई, जिसके बाद 16 मार्च, 2026 को शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई। साक्षात्कार 22 अप्रैल को आयोजित किए गए और अंतिम रैंक सूची 6 मई को प्रकाशित की गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया असामान्य रूप से जल्दबाजी में पूरी की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिथिन को डीएसपी के पद पर सीधी नियुक्ति के लिए कैसे विचार किया जा सकता है, जबकि शिकायत के अनुसार, उन्होंने बीकॉम परीक्षा अनुग्रह अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी और पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में उम्मीदवारों की मुख्य सूची में भी उनका नाम नहीं था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिथिन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और डीएसपी के पद पर उनकी सीधी नियुक्ति भर्ती नियमों का गंभीर उल्लंघन है। यह मामला सोमवार को सामने आया, जिससे भर्ती में अनियमितताओं को लेकर पीएससी की जांच और भी बढ़ गई।

इससे पहले, पीएससी अध्यक्ष और तीन सदस्यों से एक अन्य भर्ती विवाद के संबंध में क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने पूछताछ की थी। जितिन ने चयन प्रक्रिया में किसी भी अनियमितता से इनकार किया था और कहा था कि शिकायत उनकी नियुक्ति को रोकने के उद्देश्य से की गई है। चेन्निथला के नवीनतम निर्देश से विशेष भर्ती प्रस्ताव के एसआईटी की जांच के दायरे में आने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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IANS Agency

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