यूक्रेन में जब रूस ने हमला शुरू किया, तो वहां पर तकरीबन 20 हजार से अधिक भारतीय रह रहे थे। ऐसे में उनकी सुरक्षित भारत वापसी काफी कठिन थी, लेकिन फिर भी भारत सरकार के उचित कदमों ने इस मुश्किल काम को भी काफी सरलतापूर्वक कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यूक्रेन संकट पर भारत के ‘सतत रुख’ और ‘ऑपरेशन गंगा’ की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार की सराहना करते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि देश का नेतृत्व मजबूत हाथों में है और सरकार इस संकट के कारण उत्पन्न मुद्दों के समाधान पर ध्यान दे रही है।
संकट की स्थिति को देखते हुए सरकार ने आवश्यक परामर्श किए थे
सदन में नियम 193 के तहत यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि यूक्रेन संकट में सरकार ने समय रहते परामर्श जारी किए और एक अप्रत्याशित हालात से 22 से अधिक छात्रों को वहां से बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति को देखते हुए सरकार ने आवश्यक परामर्श किए थे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय के प्रयास सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन और रूस दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से बात की… बाद में आम लोगों के बाहर निकलने का एक गलियारा बना।’’
कठिन स्थिति के बावजूद 22 हजार से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया
सिंह ने कहा, ‘‘ यह समझना होगा कि स्थिति सामान्य नहीं थी। युद्ध ग्रस्त देश से लोगों को निकालना इतना आसान काम नहीं था। इस सब स्थिति के बावजूद 22 हजार से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया।’’ उन्होंने कहा कि इन छात्रों का भविष्य अंधकारमय है और उनके मुद्दों का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन गंगा’ से जुड़े सभी लोगों का आभार प्रकट करना चाहिए। सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने जो बयान दिये हैं, उसमें यही कहा था कि युद्ध को रोका जाए और बातचीत का मार्ग अपनाया जाए।
क्या हम बहुपक्षीय दुनिया की तरफ बढ़ रहे हैं?
उन्होंने कहा कि भारत अपने रुख को लेकर सतत रहा है और देश एवं उसकी नीतियां मजबूत हाथों में हैं। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘इस संकट ने कई सवाल पैदा किए हैं। मसलन, क्या हम बहुपक्षीय दुनिया की तरफ बढ़ रहे हैं? क्या नयी वैश्विक व्यवस्था बन रही है?’’ उन्होंने कहा कि इस संकट हर कोई प्रभवति हो रहा है, अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर होगा और सरकार इस ओर ध्यान दे रही है।


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