कोरोना महामारी के कारण 23 मार्च 2020 से सरकार की ओर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाई गई थी। हालांकि इस दौरान विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार ने विभिन्न देशों के साथ एयर बबल समझौतों और वंदे मातरम मिशन के तहत विशेष फ्लाइट्स का संचालन किया था। करीब दो साल बाद अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में लगी पाबंदियां हटने जा रही है। इसको लेकर तमाम एयरलाइंस कंपनियों ने तैयारी भी कर ली है.
बीते 2 सालों के भीतर कोरोनावायरस की तीन भयानक लहरों को झेलने के बाद अब आखिरकार स्थिति सामान्य हो रही है। इसी को देखते हुए अब सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में लगी पाबंदियों को हटाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज यानी 27 मार्च से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के दोबारा शुरू होने से यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस कंपनियां भी उत्साहित हैं। रिपोर्ट्स की माने तो नियमों में बदलाव होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से देश के सबसे बड़े इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित उड़ानें शुरू होंगी।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के नियमों में बदलाव
कोरोना महामारी के अच्छे होते हालातों को देखते हुए सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के नियमों में संशोधन किया गया है। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 3 सीटों को खाली करने के नियम को हटा दिया गया है। साथ ही विमान दल को पूर्ण पीपीई किट पहनने के नियम को भी समाप्त कर दिया है। सूत्रों की माने तो भारत सरकार विदेश जाने वाले यात्रियों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाने के ऊपर विचार कर रही है।
नियमित अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा एक बार फिर से शुरू होने को लेकर इंडिगो के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी विली बोल्टर ने शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं फिर से शुरू करने को लेकर उत्सुक है। साथ ही दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने उम्मीद जताई कि 2022 की गर्मियों में इंटरनेशनल एयर ट्रैफिक मूवमेंट (ATM) की संख्या 165 प्रति दिन से बढ़कर 300 प्रति दिन तक पहुंच सकती है।


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