प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में भारत के पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बारे में एक कार्यक्रम में उनकी टिप्पणी का श्रोताओं द्वारा देर से जवाब दिए जाने पर शनिवार को तंज करते हुए कहा कि नकारात्मकता के माहौल में सकारात्मकता पाने में समय लगता है।
प्रधानमंत्री मोदी ‘नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी’ की शुरूआत किये जाने के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उनकी टिप्पणी पर जब कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच से जब कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तब मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘‘क्या आप खुश नहीं हैं?’’ कार्यक्रम में उद्योग जगत की हस्तियां और सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे।
इसके तुरंत बाद, लोगों ने तालियां बजाई।
मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘देर आये दुरूस्त आये।’’ उन्होंने कहा कि चूंकि चारों ओर इतनी नकारत्मकता है कि कभी-कभी सकारात्मकता पाने में कुछ समय लग जाता है।
उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया, ‘‘एक समय था जब कबूतर छोड़े जाते थे, आज चीता छोड़ते हैं।’’
प्रधानमंत्री ने नामीबिया से लाये गये चीतों को शनिवार को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा। उन्होंने कहा,‘‘ हम चाहते हैं कि चीतों की गति से माल का परिवहन हो।’’
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों के मुताबिक, ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब यह सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी से पीछे है।


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