कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकारों एवं प्रादेशिक शिक्षा बोर्डों को, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरह 12वीं कक्षा की परीक्षा कराने के संदर्भ में छात्र-हितैषी निर्णय करना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सीबीएसई की तरह राज्यों के बोर्डों को भी छात्रों, अभिवावकों, शिक्षकों की बात सुनकर 12वीं की परीक्षा के संदर्भ में छात्र-हितैषी निर्णय लेने चाहिए।
मेरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, शिक्षा मंत्रियों से अपील है कि अपने निर्णयों में छात्रों की आवाज, उनके स्वास्थ्य की रक्षा को महत्व दें।’’ प्रियंका गांधी ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को छात्रों को बधाई दी थी और कहा था कि आखिरकार उनकी आवाज सुनी गई।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर, केंद सरकार ने मंगलवार को सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया।


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