केंद्र की मोदी सरकार ने बीते दिन संसद में बजट पेश किया है। इसके बाद कांग्रेस के तमाम नेताओं समेत पूरे विपक्ष ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। तो दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों ने राज्यसभा में बुधवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति सहित सभी वर्गों के बहुत कल्याण के लिए काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के स्वच्छता अभियान का उपहास करने के लिए विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि शौचालयों के निर्माण पर बल दिये जाने के कारण देश में पांच लाख मौतों को टाला जा सका है।
‘‘सबका साथ सबका विश्वास’’
उच्च सदन में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा की गीता उर्फ चंद्रप्रभा ने कहा कि सरकार ने ‘‘सबका साथ सबका विश्वास’’ के मंत्र के आधार पर समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय मेडिकल परीक्षाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए विभिन्न पहल की हैं।
चन्द्रप्रभा ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का पुनर्गठन कर इसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इस आयोग के पास पहले कोई शक्ति नहीं थी और यह सिर्फ कागजों पर ही चलता था।
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सभी वर्गों के बीच समानता के भाव के साथ किया काम
उन्होंने जिक्र किया कि सरकार समाज के सभी वर्गों के बीच समानता के भाव के साथ जो काम कर रही है, उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के गठन में भी दिखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में ओबीसी वर्ग से 27 , एससी वर्ग से 20 सदस्य और 11 महिलाएं शामिल हैं। भाजपा सदस्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पौने दो करोड़ घरों का निर्माण कराया गया है, वहीं उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में करीब 20 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 25 लाख मकानों का निर्माण करवाया जा चुका है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उपहास करने के लिए विपक्षी नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्हें इस योजना के महत्व के बारे में दूर-सुदूर के गांवों में रहने वाले लोगों विशेषकर महिलाओं से पूछना चाहिए जिनके मकानों की छत बरसात में गिर जाती थी और वे रात भर दीवारों पर पन्नी बांधकर अपने घर के सामान की रक्षा करती थीं तथा घर के अन्य सदस्य किसी दूसरे की छत के नीचे रात बिताते थे।
पीएम ने हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है
चंद्रप्रभा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लगभग सवा लाख लोगों को आवास मुहैया करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री पर जिस तरह से विश्वास करते हुए उन्हें देश के शासन की बागडोर सौंपी है, उसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है।उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत देश भर में 11 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया वहीं उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के आवासों में 70 लाख तथा सात लाख सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय बनवाये गये।
भाजपा सदस्य ने सदन को उन दिनों की याद दिलाई जब बरसात के दिनों में कई गांवों में बहन-बेटियों को शौच के लिए स्थान नहीं मिलने पर रात का इंतजार करना पड़ता था और वे सड़क किनारे इसके लिए जाती थीं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने महिलाओं की अस्मिता की चिंता करते हुए उनका सम्मान बढ़ाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री योगी कंधे से कंधा मिलाकर तुरंत काम शुरू कर देते है
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के ‘‘शत प्रतिशत जिले’’ खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। भाजपा सदस्य ने यह भी दावा किया कि देश में खुले में शौच से मुक्ति के जो प्रयास किए गये उससे न केवल पांच लाख मौतों को रोका जा सका बल्कि 20 लाख पेचिश के मामले भी टाल दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे प्रत्येक परिवार का रोगों पर होने वाला करीब 50 हजार रूपये का धन भी बचा है।
चंद्रप्रभा ने दावा किया कि जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कोई योजना शुरू करते हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके ‘‘कंधे से कंधा मिलाकर उस योजना को तुरंत जमीन पर साकार करने के लिए काम शुरू कर देते हैं।’’
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में उत्तर प्रदेश में 16 नये मेडिकल कॉलेज खोले गये तथा 14 मेडिकल कॉलेज पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी मेडिकल कालेज में 1840 सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों में 2550 सीटें थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब क्रमश: करीब तीन हजार और साढ़े चार हजार कर दिया गया है।


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