ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार हो गया है। इस बीच अब उनके बेटे यानी देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पहली बार (Mojtaba Khamenei Statement) देश को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहीदों के खून का बदला लेना केवल एक नारा नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे वह इस पद पर रहें या नहीं, यह संकल्प हर हाल में पूरा किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने अपने संबोधन में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ईरान और इराक के अलग-अलग शहरों और गांवों से आए लोगों ने अपने नेता के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है। उनके मुताबिक तेहरान, कोम, मशहद, नजफ और कर्बला समेत कई स्थानों पर लाखों लोगों की मौजूदगी ने दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने इस भीड़ को “ऐतिहासिक” और “दुश्मनों की उम्मीदों को तोड़ने वाला” बताया। उनका कहना था कि लोगों का यह समर्थन देश की एकता और मजबूती को दिखाता है।
‘शहीदों के खून का हिसाब लिया जाएगा’

मोजतबा खामेनेई ने अपने संबोधन में आगे कहा कि उनके पिता और जंग में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शहादत को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि देश शहीदों के खून का हिसाब जरूर लेगा और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने इन हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया, उन्हें उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। उनके अनुसार बदला लेना किसी एक व्यक्ति की इच्छा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की भावना है।
मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारी मन से उन्हें विदाई दी गई है, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के बताए रास्ते पर पूरी मजबूती से चलेंगे और किसी भी चुनौती का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि देश इस समय बुरे हालातों से गुजर रहा है, लेकिन हम अपने फैसलों से पीछे हटने वाला नहीं है।
अमेरिका और इजरायल पर साधा निशाना

अपने संदेश में मोजतबा ने अमेरिका और इजरायल पर जमकर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को कभी चैन नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग इस घटना के पीछे हैं, वे अपने किए का नतीजा जरूर भुगतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला किसी एक नेता या सरकार तक सीमित नहीं है। चाहे नेतृत्व में कोई भी रहे, शहीदों के खून का बदला लेने जरूर लिया जाएगा।
अमेरिकी और इजरायली हमलों में मारे गए थे अली खामेनेई

बता दें, कि 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी और इजरायली हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले में उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मोजतबा खामेनेई को भी इस हमले में चोटें आई थी। अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 9 जुलाई 2026 को किया गया। सुरक्षा कारणों से मोजतबा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। पिता के निधन के बाद उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।
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