लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि संविधान के समक्ष सभी धर्म समान हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों को किसी भी धर्म के बारे में भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए और हर समय संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष के रूप में रविवार को तीन साल पूरे करने वाले बिरला ने अब तक की यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है कि इस अवधि के दौरान सदन की औसत उत्पादकता 100 फीसदी से ऊपर रही है। सदन में 17वीं लोकसभा में अब तक आठ सत्रों में लगभग एक हजार घंटे कामकाज हुआ है। चर्चा और बहस को लोकतंत्र का आभूषण बताते हुए बिरला ने कहा, बहस के दौरान एक-दूसरे पर कटाक्ष करना भी स्वीकार्य है। लेकिन संसद में सांसदों को अनावश्यक आक्रामकता और शोर-शराबे से बचना चाहिए। नेताओं द्वारा संसद का इस्तेमाल निराधार आरोप लगाने और जवाबी आरोप लगाने के लिए एक मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।


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