कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “दो भारत” वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी नजर में एक भारत है, श्रेष्ठ भारत है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ साल में देश में सबसे बड़ा बदलाव यह आया कि आज प्रधानमंत्री ‘‘मजबूर नहीं मजबूत’’ हैं और ‘‘तुष्टिकरण की सियासत और करप्शन (भ्रष्टाचार) की विरासत’’ पर रोक लग गयी है।
राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार में दो हिंदुस्तान बन गए हैं जिनमें से एक अमीरों और दूसरा गरीबों के लिए है। उनके इस बयान पर बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने राज्यसभा में कहा कि ‘‘आज कहा जा रहा है कि देश में दो भारत चल रहा है। किंतु हमारी नजर में एक भारत है, श्रेष्ठ भारत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुस्तान की संस्कृति, संस्कार, संकल्प और समावेशी सोच को समझने के लिए हमें ‘इंडिया इज इंदिरा और इंदिरा इज इंडिया’ एवं ‘कांग्रेस इज कंट्री और कंट्री इज कांग्रेस’ के सुरूर और सोच से बाहर निकलना होगा।’’ इस सुरूर से निकले बिना ‘‘हम देश की भावना और गौरव को समझ नहीं सकते हैं।’’
आज मजबूर नहीं, मजबूत प्रधानमंत्री हैं
नकवी ने कहा कि पिछले 18 वर्ष में सबसे बड़ा यह बदलाव हुआ कि ‘‘प्रधानमंत्री पद की गरिमा, विश्वसनीयता और सम्मान बहाल हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज से आठ साल पहले प्रधानमंत्री कार्यालय कहीं और से चलता था, प्रधानमंत्री को निर्देश कहीं और से मिलता था..कैबिनेट जो निर्णय करती थी, उसे ‘न्यूसेंस और नानसेंस’ कहकर फाड़ दिया जाता था।’’
उन्होंने दावा किया,‘‘आज मजबूर प्रधानमंत्री नहीं, मजबूत प्रधानमंत्री हैं।’’ नकवी ने कहा कि आज से आठ साल पहले सरकार को लेकर भ्रष्टाचार की जो चर्चाएं होती थीं, वे आज सुनने को नहीं मिलतीं। उन्होंने कहा कि आज ‘‘कट, कमीशन और करप्शन की विरासत और तुष्टिकरण की सियासत पर रोक लगी है।’’
उन्होंने कहा कि इन वर्षों में एक बदलाव यह रहा कि लाल बत्ती की धौंस और धमक को प्रधानमंत्री ने बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अब यह नहीं कहा जाता था कि देश के संसाधनों पर किसी एक संप्रदाय विशेष का अधिकार है और मौजूदा सरकार के शासनकाल में किसी एक संप्रदाय नहीं बल्कि सबके विकास, सबके विश्वास, सबके प्रयास की बात कही जा रही है।
समावेशी और सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण के बल से समाप्त हुआ “तुष्टिकरण” का छल
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘तुष्टिकरण का जो छल था, उसे हमने समावेशी और सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण के बल से समाप्त किया है।’’ उन्होंने कहा कि आज कोटा, परमिट का राज समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि एक बदलाव यह भी आया कि एक ही विषय को लेकर जो कई कानून बनाए गए थे, उनमें से कई को निरस्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘दंगों का हफ्ता और आतंकवादियों के धमाके का जो महीना हुआ करता था, उसे बंद कर दिया गया…आतंकवाद पर काबू पा लिया गया है।’’ उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने देश के लोगों, संसाधनों एवं सीमा की सुरक्षा करने का सकंल्प किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसी देश ने एक बार हिमाकत करने की कोशिश की थी किंतु हमारे सुरक्षा बलों ने घुस घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और चूहे के बिल से निकाल कर आतंकवादियों को तबाह किया।’’


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