प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत ने कहा कि भारत को कोरोना वायरस के बेतहाशा मामलों से पैदा हुए मौजूदा संकट से सीख लेने और अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने की जरूरत है। भगत ने शनिवार को यहां गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (जीएमबीएफ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने 2020 में टीकाकरण को गंभीरता से नहीं लिया जैसे कि दूसरे देशों ने लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संकट से भारत को खासतौर से स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में सीख लेनी चाहिए। गलतियां करना ठीक है बशर्ते हम उन्हें स्वीकार करें।’’ भगत ने कहा, ‘‘जब कोविड-19 खत्म हो जाएगा तो हमें बदलाव की आवश्यकता है। हम सभी काफी हद तक बदल गए हैं। यह बदलाव निजी रूप से, कारोबार के क्षेत्र में होगा और इस तरह से होगा कि एक देश के तौर पर हम कैसे और क्या सीख सकते हैं। इस संकट की एक ही चीज अच्छी है और वह है इससे सबक लेना।’’
वक्ताओं में से एक जीएमबीएफ ग्लोबल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर ने कहा कि उनके संगठन ने महामारी के दौरान महाराष्ट्र के करीब 20,000 लोगों की मदद की। बु अब्दुल्ला ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन डॉ. बु अब्दुल्ला ने कहा कि हम उम्मीद और प्रार्थना करते हैं कि भारत जल्द ही इस संकट से उबर जाएगा।


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