शुक्रवार को यानी आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के लिये वर्तमान एवं पूर्व सांसदों को अन्य देशों के संसदीय शिष्टमंडलों के साथ चर्चा करनी चाहिए। संसद भवन परिसर में भारतीय संसदीय समूह की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक देशों के साथ विचारों के आदान-प्रदान एवं संसदीय कूटनीति में भारतीय संसदीय समूह की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सशक्त, मजबूत और पारदर्शी बनाने में भारतीय संसदीय संघ समूह का अहम योगदान है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मेरा विचार है कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में वर्तमान एवं पूर्व सांसदों को अन्य देशों के संसदीय शिष्टमंडलों के साथ चर्चा करनी चाहिए और अनुभव साझा करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि पहले उत्कृष्ठ सांसद पुरस्कार से संबंधित समारोह तीन-चार वर्ष में आयोजित होता था और अब ऐसा विचार आया है कि नियमित रूप से दो वर्ष में एक समारोह आयोजित किया जाए।
लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने कहा कि इसी वर्ष 2018, 2019 व 2020 के लिए ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार दिये जायेंगे। राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल तथा लोकसभा व राज्यसभा के अनेक सांसदों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बिरला ने कहा कि अन्य देशों की संसदों के साथ बनने वाले मैत्री समूह में सदस्यों की संख्या 9 से बढ़कर 12 की जाएगी ।


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