उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने इन दिवंगत लोगों के निधन का जिक्र किया और सदन की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सदस्यों ने दिवंगत लोगों के सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा। इनमें से 10 लोग पूर्व सदस्य थे।
नायडू ने यूसुफ सरवर खान उर्फ दिलीप कुमार के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनका अभिनय सफर करीब पांच दशक लंबा रहा और उन्होंने करीब 65 फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘देवदास’, ‘नया दौर’, ‘मुगले आजम’, ‘गंगा जमुना’ आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ‘‘ट्रेजडी किंग’’ के नाम से मशहूर दिलीप कुमार को कई सम्मान मिले जिनमें अभिनय के लिए आठ फिल्म फेयर पुरस्कार शामिल है। उल्लेखनीय है कि दिलीप कुमार ने उच्च सदन में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था।
नायडू ने मिल्खा सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बचपन में काफी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और देश के विभाजन के समय उनके माता-पिता की मृत्यु हो गयी थी और वह अनाथ हो गए। उन्होंने कहा कि बाद में वह सेना में शामिल हुए और उनके जीवन में नया मोड़ आया। उन्हें 1956 में मेलबर्न ओलंपिक के लिए भारतीय दल में शामिल किया गया और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। नायडू ने कहा कि ‘‘फ्लाइंग सिख’’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह को कई सम्मान मिले।
सदन ने अपने पूर्व सदस्यों एन एम कांबले, भगवती सिंह, बलिहारी बाबू, अजीत सिंह, मतंग सिंह, जितेंद्र भाई भट्ट, रामेंद्र कुमार यादव रवि, जगन्नाथ पहाड़िया व शांति पहाड़िया को भी श्रद्धांजलि दी। दो वर्तमान सदस्यों- महापात्र एवं सातव के सम्मान में सदन की बैठक एक घंटे के लिए दोपहर 12 बजकर 24 मिलट तक के लिए स्थगित कर दी गयी।


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