पेगासस जासूसी, महंगाई, कृषि कानून समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण आज प्रशनकाल पूरा नहीं हो सका और लोकसभा की कार्यवाही 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
विपक्ष के 14 दलों के साथ बैठक
संसद के मानसून सत्र में पेगासस, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ एकजुट विपक्षी दलों की आज फिर संसद भवन में बैठक हुई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मलिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के साथ ही बैठक में विपक्ष के 14 दलों के नेता हिस्सा लिया।
लोगों के पास सड़क पर निकलकर विरोध करने के सिवा कोई चारी नहीं रहेगा
वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए इस सरकार ने जोर और जबर से ऐसे कानून पारित करवाने की कोशिश की है और करवाए हैं जिनका भारत के भविष्य पर बहुत दूरगामी परिणाम पड़ेगा। सरकार का ये ही रवैया रहा तो लोगों के पास सड़क पर निकलकर विरोध करने के सिवा कोई चारी नहीं रहेगा।
गरीबों और पिछड़ों के हित में जो कानून आता है हम उसका समर्थन करेंगे
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में 127वां संविधान संशोधन विधेयक 2021 सरकार लाने जा रही है। हम सभी विपक्षी पार्टियों के नेता और संसद सदस्य इस बिल का समर्थन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि बाकी के मुद्दे अपनी जगह हैं लेकिन ये मुद्दा पिछड़े वर्ग के लोगों और देश के हित में है। हम सबका फर्ज है कि गरीबों और पिछड़ों के हित में जो कानून आता है हम उसका समर्थन करें।
विपक्षी दलों के नेताओं ने गत शुक्रवार को भी संसद भवन में बैठक की थी और उसके बाद सभी नेता किसानों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंच कर ‘किसान संसद’ में शामिल हुए थे। मानसून सत्र में विपक्षी दलों के नेता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर उससे पेगासस, किसानों के मुद्दे और महंगाई को लेकर संसद में चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में शुरू से सरकार के खिलाफ सदस्य अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर रहे हैं जिससे संसद का काम नहीं हो रहा है।


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