वस्तु एवं सेवा कर (GST) अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि अपील न्यायाधिकरण के न होने के कारण अभियोगी को उचित समय के भीतर न्याय नहीं मिल पाता है और इससे देश भर में अभियोगी को अत्यधिक कठिनाई हो रही है।
याचिकाकर्ता की याचिका पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा अधिनियम के अस्तित्व में आने के चार साल बाद भी न्यायाधिकरण का गठन नहीं किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि अधिकरण की अनुपस्थिति में पीड़ित नागरिक संबंधित हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए विवश हैं और इससे हाई कोर्ट पर भी काम का बोझ बढ़ा है।
अधिवक्ता अमित साहनी द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है, ‘‘अपील न्यायाधिकरण के न होने के कारण अभियोगियों को उचित समय के भीतर न्याय नहीं मिल पाता है और इससे देश भर में अभियोगियों को अत्यधिक कठिनाई हो रही है।’’ याचिका में कहा गया है कि अपीलीय न्यायाधिकरण की राष्ट्रीय और अन्य पीठों का गठन वक्त की मांग है और इसे अनिश्चित काल तक टाला नहीं जा सकता।


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