मध्य प्रदेश खरगोन जिले की बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले दिव्यांग आयुष ने अनूठी प्रतिभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना कायल बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को फॉलो कर उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग और यूट्यूब चैनल को प्रमोट भी किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को, पैर की उंगलियों से पेंटिंग करने वाले मध्य प्रदेश के दिव्यांग चित्रकार आयुष कुंडल से मुलाकात की और कहा कि कला के क्षेत्र में उन्होंने जो महारत हासिल की है, वह सभी के लिए प्रेरणादायी है।
तस्वीरें साझा करते हुए लिखा
आज @aayush_kundal से मिलना मेरे लिए एक अविस्मरणीय क्षण बन गया। आयुष ने जिस प्रकार पेंटिंग में महारत हासिल की और अपनी भावनाओं को पैर की उंगलियों से आकार दिया, वो हर किसी को प्रेरित करने वाला है। अनवरत प्रेरणा मिलती रहे, इसलिए मैं उन्हें ट्विटर पर फॉलो कर रहा हूं। pic.twitter.com/hHskGAFQXW
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2022
प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘आज आयुष कुंडल से मिलना मेरे लिए एक अविस्मरणीय क्षण बन गया। आयुष ने जिस प्रकार पेंटिंग में महारत हासिल की और अपनी भावनाओं को पैर की उंगलियों से आकार दिया, वह हर किसी को प्रेरित करने वाला है।’’ उन्होंने कहा कि आयुष की कला से अनवरत प्रेरणा मिलती रहे, इसलिए वह उन्हें ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं।
आयुष दिव्यांग हैं और पैर की उंगलियों से पेंटिंग बनाते हैं
आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप @aayush_kundal की पेंटिंग को जरूर देखें। आयुष ने अपनी पेंटिंग के लिए एक यूट्यूब चैनल भी बनाया है, जिसमें उनकी जिंदगी के अलग-अलग रंग समाहित हैं। उनके चैनल का लिंक है https://t.co/8NSZ90UUCT
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2022
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में रहने वाले आयुष दिव्यांग हैं और पैर की उंगलियों से पेंटिंग बनाते हैं। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन भी आयुष की सोशल मीडिया पर तारीफ कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट के जरिए लोगों से अनुरोध किया कि वह आयुष की पेंटिंग जरूर देखें।उन्होंने कहा, ‘‘आयुष ने अपनी पेंटिंग के लिए एक यूट्यूब चैनल भी बनाया है, जिसमें उनकी जिंदगी के अलग-अलग रंग समाहित हैं।’’ उन्होंने आयुष के यू-ट्यूब चैनल का लिंक भी साझा किया।
आयुष ने 10 साल की उम्र में दिव्यांग के एक स्कूल में दाखिला लिया था। उन्होंने धीरे-धीरे ड्राइंग और स्केचिंग में रुचि विकसित की। उनका कहना है कि जब उन्होंने रंग को भरना शुरू किया तो फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। आज वो पैरों की ऊंगलियों से रंग भरने महारत हासिल कर चुके हैं। चित्रकला प्रदर्शनी में कई पुरस्कार अपने नाम कर चुके आयुष दिव्यांग लोगों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत हैं।


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