प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन आसियान (एएसईएएन) की एकता और केन्द्रीयता भारत के लिए हमेशा प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल माध्यम से आयोजित भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में कहा कि भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और हिंद प्रशांत के लिए आसियान का दृष्टिकोण इस क्षेत्र में उनके साझे नजरिए एवं आपसी सहयोग की रूपरेखा हैं।
उन्होंने कहा कि 2022 में भारत और आसियान की साझेदारी को 30 वर्ष पूरे हो जाएंगे और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को ‘आसियान-भारत मित्रता वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के बीच आपसी सहयोग भारत और आसियान के संबंधों को भविष्य में मजबूत करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि कोविड 19 महामारी के कारण हम सभी को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ा। लेकिन ये चुनौतीपूर्ण समय भारत आशियान मित्रता की कसौटी भी रहा। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत और आसियान के बीच हजारों साल से जीवंत संबंध रहे हैं। इनकी झलक हमारे साझा मूल्य, परम्पराएं, भाषाएं, ग्रन्थ, वास्तुकला, संस्कृति, खान-पान, दिखाते हैं। आसियान की unity और centrality भारत के लिए सदैव एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता रही है।


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