कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सेना की महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थायी कमीशन प्रदान करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सोमवार को दावा किया कि यह नारी शक्ति का विरोध करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार को करारा जवाब है।
प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, ” उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले ने देश की महिलाओं की उड़ान को नए पंख दिए हैं। महिलाएँ सक्षम हैं – सेना में, शौर्य में और जल, थल, नभ में। पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर नारी शक्ति का विरोध करने वाली मोदी सरकार को यह करारा जवाब है।”
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने देश की महिलाओं की उड़ान को नए पंख दिए हैं।
महिलाएँ सक्षम हैं – सेना में, शौर्य में और जल, थल, नभ में।
पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो नारी शक्ति का विरोध करने वाली मोदी सरकार को ये करारा जवाब है।https://t.co/ZFyI9U6AB5
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 17, 2020
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह सेना की उन सभी महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थायी कमीशन प्रदान करे जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि महिलाओं को कमान मुख्यालय पर नियुक्ति दिए जाने पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें शारीरिक सीमाओं और सामाजिक चलन का हवाला देते हुए सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन नहीं देने की बात कही गई थी।


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