Rahu Ketu Movie Review: पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की फिल्म ‘राहु केतु’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म एक कंप्लीट फैमिली एंटरटेनर है, जिसे आप बच्चों के साथ भी बेझिझक देख सकते हैं। हल्की-फुल्की कहानी और भरपूर कॉमेडी के साथ फिल्म का मकसद सिर्फ एक है, दर्शकों को खुलकर हंसाना।
Rahu Ketu Movie Review: हल्की-फुल्की कहानी, एंटरटेनमेंट फुल ऑन

इस हफ्ते सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘राहु केतु’ का मकसद बिल्कुल साफ है- दर्शकों को हंसाना और रोज़मर्रा की टेंशन से थोड़ी राहत देना। करीब 2 घंटे 17 मिनट की यह फिल्म खुद को किसी भारी संदेश या उलझी कहानी में नहीं बांधती, बल्कि सीधे-सादे मनोरंजन के रास्ते पर चलती है।
Rahu Ketu Star Cast: हिमाचल की वादियों से शुरू होती है कहानी

फिल्म की कहानी हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से टाउन से शुरू होती है। यहां रहते हैं लेखक चूरू लाल शर्मा (मनु ऋषि चड्ढा), जो अपनी ज़िंदगी और राइटिंग- दोनों से परेशान हैं। उनकी निराश ज़िंदगी में तब हलचल मचती है, जब उनकी मुलाकात एक रहस्यमय फूफा (पियूष मिश्रा) से होती है। फूफा के पास मौजूद एक जादुई किताब पूरी कहानी को अजीबो-गरीब और मजेदार मोड़ दे देती है।
Rahu Ketu Story में पुलकित-वरुण की कॉमिक टाइमिंग बनी फिल्म की जान

Pulkit Samrat और वरुण शर्मा की जोड़ी पहले भी दर्शकों को हंसा चुकी है और ‘राहु केतु’ में भी दोनों की केमिस्ट्री जमकर रंग जमाती है। दोनों की कॉमिक टाइमिंग और डायलॉग डिलीवरी कई सीन में ठहाके लगवाने पर मजबूर कर देती है। इनके साथ चंकी पांडे और बाकी कलाकार भी कहानी को मजेदार बनाने में पूरा साथ देते हैं।
दोस्ती, किस्मत और जादू का कॉमिक तड़का

फिल्म में दोस्ती, किस्मत और हल्की जादुई कल्पना को कॉमेडी के साथ मिलाया गया है। कहानी भले ही लॉजिक के पैमाने पर बहुत गहरी न हो, लेकिन एंटरटेनमेंट के मामले में यह लगातार आपको बांधे रखती है।
Rahu Ketu देखनी चाहिए या नहीं?

अगर आप साफ-सुथरी कॉमेडी, हल्का-फुल्का माहौल और बिना दिमाग लगाए देखने वाली फिल्म की तलाश में हैं, तो ‘राहु केतु’ आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है। यह फिल्म परिवार और दोस्तों के साथ थिएटर में बैठकर हंसने के लिए बनी है।
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