कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि चीन भारत के साथ उसी सिद्धांत पर अमल कर रहा है जो रूस ने यूक्रेन के साथ अपनाया है क्योंकि वह (चीन) भारत की सीमाओं को बदलने की धमकी दे रहा है।उन्होंने दावा किया कि भारत-चीन सीमा विवाद का ‘एक कमजोर अर्थव्यवस्था, बिना दृष्टिकोण वाले भ्रमित राष्ट्र तथा नफरत एवं गुस्सा’ से सीधा संबंध है तथा चीनी सैनिक भारत की सीमा के अंदर बैठे हुए हैं।राहुल गांधी ने अभिनेता एवं नेता कमल हासन के साथ एक संवाद में कहा, ‘‘रूसियों ने यूक्रेन से कहा कि हम नहीं चाहते कि तुम पश्चिम के साथ मजबूत संबंध रखो। बुनियादी रूप से उन्होंने यूक्रेन से यह कहा था कि अगर तुम पश्चिम के साथ मजबूत रिश्ता रखोगे तो हम तुम्हारा भूगोल बदल देंगे।’’
सरकार ने इस बात को गलत ढंग से आकलन किया
उन्होंने दावा किया, ‘‘यही सिद्धांत भारत को लेकर भी अपनाया जा सकता है। चीनी यही कह रहे हैं कि आप जो कर रहे हैं उसको लेकर सावधान रहिए, क्योंकि हम आपका भूगोल बदल देंगे, हम लद्दाख में घुस जाएंगे, हम अरुणाचल प्रदेश में घुस जाएंगे। मैं यह देख सकता हूं कि वे इस तरह के रवैये के लिए एक बुनियाद तैयार कर रहे हैं।’’कांग्रेस नेता ने कमल हासन के साथ संवाद का एक वीडियो यूट्यूब पर साझा किया है।राहुल गांधी का कहना है कि 21वीं सदी में सुरक्षा एक समग्र चीज बन गई है और इसको लेकर वैश्विक दृष्टिकोण होना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता कि मौजूदा सरकार ने इस बात को गलत ढंग से आकलन किया है।’’
सरकार की नीतियों के चलते चीन ,पाकिस्तान एक
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के अनुसार, संघर्ष की परिभाषा पहले ही बदल चुकी है, पहले सीमा पर लड़ाई लड़ी जाती थी, लेकिन अब हर जगह लड़ना होता है।राहुल गांधी ने सरकार पर चीन के मामले को संभालने में पूरी तरह विफल रहने और असमंजस की स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा था कि इस सरकार की नीतियों के चलते चीन एवं पाकिस्तान एक हो गए हैं, जो खतरनाक बात है।उन्होंने यह दावा भी किया था कि डोकलाम एवं तवांग में जो हुआ है, वो किसी बड़ी तैयारी का हिस्सा है।


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