रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि ”तेजी से बदल रहे वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य” के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार देश को तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। यहां बड़ी संख्या में गणतंत्र दिवस एनसीसी शिविर में भाग ले रहे कैडेट को संबोधित करते हुए सिंह ने देश के पुख्ता सुरक्षा ढांचे को ‘टीमवर्क’ के सर्वश्रेष्ठ उदाहरणों में से एक बताया और कहा कि अगर कभी किसी से युद्ध लड़ने की जरूरत पड़ी तो पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के पीछे होगा।
सिंह ने कहा, ‘‘यह ‘टीम वर्क’ का नतीजा है कि भारत ने अतीत में अपने दुश्मनों को हराया है और कई युद्ध जीते हैं।’’ उन्होंने कहा कि जहां सशस्त्र बल सभी प्रकार के खतरों से देश की रक्षा कर रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक, इंजीनियर, सिविल अधिकारी और अन्य उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, अगर कभी युद्ध लड़ने की जरूरत पड़ी तो पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के पीछे खड़ा होगा। यह टीम वर्क का नतीजा है कि भारत ने अतीत में अपने दुश्मनों को हराया है और कई युद्ध जीते हैं।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, संबोधन में सिंह ने युवाओं से इस्तेमाल करो और फेंको की अवधारणा को खत्म करने का भी आह्वान किया, क्योंकि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज और पर्यावरण को इस प्रथा के कारण सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। सिंह ने बदलते समय के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत पर भी जोर दिया। बयान में उनके हवाले से कहा गया, तेजी से बदल रहे वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए देश को तैयार करने के लिए सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
सिंह ने कहा, उद्देश्य अपनी संस्कृति और परंपराओं में निहित एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण करना है। उन्होंने दिल्ली छावनी में एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर के अपने दौरे के दौरान कैडेट को संबोधित किया और कई कैडेट को उनके अनुकरणीय प्रदर्शन एवं कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए रक्षा मंत्री पदक तथा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।


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