अफगानिस्तान संकट को लेकर सुरक्षा की बात करने के लिए भारत ने आठ देशों के साथ क्षेत्रीय वार्ता की बैठक आयोजित की है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम के न केवल उस देश के लोगों के लिए बल्कि उसके पड़ोसियों और क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं।
अफगानिस्तान पर दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता में रूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के सुरक्षा अधिकारी भाग ले रहे हैं। ‘एनएसए’ स्तर की पहले दो बैठके ईरान में आयोजित हुई थी। तीसरी बैठक भी होनी थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण उन्हें स्थगिता करना पड़ा था।
आज हुई बैठक में एनएसए डोभाल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह अफगान स्थिति पर क्षेत्रीय देशों के बीच करीबी विचार-विमश, अधिक सहयोग और समन्वय का समय है। तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद आतंकवाद, कट्टरवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते खतरों का सामना करने में व्यावहारिक सहयोग के लिए एक सामान्य दृष्टिकोण को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत वार्ता की मेजबानी कर रहा है।

डोभाल ने कहा, ‘‘हम आज अफगानिस्तान से संबंधित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे हैं। हम सभी उस देश के घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इनका न केवल अफगानिस्तान के लोगों के लिए बल्कि उसके पड़ोसियों और क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं।’’
अजित डोभाल ने उम्मीद जताई कि चर्चा सार्थक होगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे बीच करीबी विचार-विमर्श का समय है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हमारे बीच विचार-विमर्श अफगान लोगों की मदद करने और हमारी सामूहिक सुरक्षा को बढ़ाने में योगदान देगा।’’


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