झारखंड की पहाड़ियों पर स्थित ‘शिखर जी’ जैन समाज के लिए काफी अहम है। बता दें माना जाता है कि यहां 24 में से 20 तीर्थंकर ने यही मोक्ष प्राप्त किया है इसी कारण ये जगह जैन समाज के लिए इतनी अहम है। परन्तु सरकार अब इस स्थान को पर्यटन स्थल घोषित करना चाहती है, जिसकी वजह से लोगों में गुस्सा काफी देखा जा रहा है और इसी वजह से पूरे देश में विरोध हो रहे हैं और कई जैन मुनि अनशन पर बैठे हैं।
जैन समाज शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहा
सूत्रों के मुताबिक जयपुर में अनशन पर बैठे एक और जैन मुनि ने अपने प्राण त्याग दिया है। देर रात मुनि समर्थ सागर का निधन हो गया। इतना ही नहीं सम्मेद शिखर को लेकर पिछले चार दिनों में दो जैन मुनियों ने अपने देह त्याग दिए। जानकारी के मुताबिक इससे पहले जैन मुनि सुज्ञेय सागर ने अपने प्राण त्याग दिए थे। हालांकि कल यानि गुरुवार को केंद्र सरकार ने सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के फैसले पर फिलहाल से रोक लगा दी है। इसके साथ ही इस मसले पर एक कमेटी भी बना दी गई है साथी ही साथ केंद्र ने झारखंड सरकार से इस मुद्दे पर जरूरी कदम उठाने को भी कहा है। बात दें देश के कौने- कौने में सरकार के खिलाफ जैन समाज शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे है जिससे की जैन समाज के पवित्र स्थल को बचाया जा सके।


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