सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोपी ओडिशा के पत्रकार अभिजीत अय्यर मित्रा को जमानत देने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ ने मित्रा की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ”धार्मिक भावनाएं भड़काई हैं।”
शीर्ष अदालत ने अभिजीत अय्यर मित्रा के वकील की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि उनके मुव्वकिल को जान का खतरा है। पीठ ने कहा, ”यदि आपकी जान को खतरा है तो फिर रहने के लिए जेल से बेहतर क्या जगह हो सकती है? आपका जीवन सुरक्षित रहेगा।”
ओडिशा पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी से 20 सितंबर को मिश्रा को गिरफ्तार किया था लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। यदि अदालत अभिजीत अय्यर मित्रा को दोषी करार देती है तो उन्हें अधिकतम तीन साल कारावास की सजा हो सकती है।


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