संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शमिल हुए। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को राज्यसभा का उप नेता नियुक्त किया गया है।
माना जाता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता नकवी संसदीय मामलों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वह विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध एवं समन्वय के लिए भी जाने जाते हैं। इससे पहले उच्च सदन में उप नेता की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास थी जिन्हें पिछले दिनों राज्यसभा का नया नेता नियुक्त किया गया है। गोयल से पहले थावर चंद गहलोत नेता सदन थे। हालांकि मंत्रिपरिषद विस्तार से ठीक पहले उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
मानसून सत्र की पहली बैठक शुरू होने के साथ ही नायडू ने घोषणा की कि उन्हें संसदीय कार्य मंत्री की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को राज्यसभा में सदन का नेता नियुक्त करने का निर्णय किया है। उन्होंने गोयल के सीए की अखिल भारतीय परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त किये जाने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि गोयल दूसरी बार उच्च सदन के सदस्य निर्वाचित हुए हैं और उनका राजनीतिक जीवन तीन दशक से अधिक का है। नायडू ने कहा कि गोयल को विभिन्न मंत्रालयों को संभालने का व्यापक अनुभव है जिनमें खान एवं खनन, नवीन एवं अक्षय ऊर्जा वित्त, बिजली, रेलवे आदि मंत्रालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गोयल ने रेलवे में सुरक्षा के लिए कई नयी पहल कीं।
सभापति ने कहा, ‘‘मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि उनके व्यापक राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभवों से सदन को लाभ मिलेगा तथा वह अपने मित्रतापूर्ण एवं प्रसन्नचित्त स्वभाव के कारण सदन के नेता का दायित्व भली-भांति निभा पाएंगे।’’
सभापति ने थावरचंद गहलोत द्वारा सदन के नेता के रूप में दिये गये योगदान के लिए उन्हें पूरे सदन की ओर से धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि गहलोत को अब कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया गया है। उच्च सदन में आज आईएमयूएल के अब्दुल वहाब ने सदस्यता की शपथ ली। उन्होंने अंग्रेजी में शपथ ली। वह केरल से निर्वाचित होकर उच्च सदन पहुंचे हैं।


Download Android App
Download iOS App



