केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि उसकी योजना पूरे देश में कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की है ताकि छात्रों व रोजगार चाहने वाले लोगों को व्यापक कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। इसके साथ ही उसने कहा कि पहले चरण में 5,000 ऐसे केंद्र खोलने की योजना है।
कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी कम हुई है
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब देते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली और कौशल विकास पहल दोनों के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए कौशल केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 5,000 ऐसे केंद्र होंगे और प्रयास है कि देश के लगभग हर हिस्से में कौशल विकास केंद्र मौजूद हों। मंत्री ने इस बात से इनकार किया कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी कम हुई है।
आईटी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 44-45 प्रतिशत से अधिक हो गई
उन्होंने आगे कहा, “यह सच नहीं है कि कोविड के कारण कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में कोई बड़ी रुकावट आयी है। कोविड के दौरान, समग्र कार्यबल में महत्वपूर्ण व्यवधान आया और संभव है कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी भी प्रभावित हुई हो। चंद्रशेखर ने हालांकि जोर दिया कि कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए, आईटी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 44-45 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के संबंध में मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने कहा कि जन शिक्षण संस्थान नेटवर्क का मकसद मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को कुशल बनाना है और यह बहुत अच्छा काम कर रहा है।


Download Android App
Download iOS App



