वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आज कहा कि भाजपा नीत सरकार में ‘‘राज्य’’ और ‘‘पार्टी’’ के बीच विभाजन रेखा खत्म हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यहां एक परिचर्चा में कहा कि संप्रग सरकार पर ‘‘मजबूत नेता’’ का अभाव होने का आरोप था लेकिन फिर भी उसने बेहतर आर्थिक वृद्धि दी। वह ‘लोकतंत्र में विरोधाभास’ विषय पर बोल रहे थे।
सत्ता में बैठे लोगों द्वारा ‘‘सड़कों पर होने वाली हिंसा’’ के कथित इस्तेमाल पर एक सवाल के जवाब में सिब्बल ने कहा, ‘‘यह एक समस्या है जो तब पैदा हुई जब राज्य और पार्टी के बीच कोई अंतर नहीं रहा।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘सड़कों पर ऐसा क्यों हो रहा है, इसकी वजह है कि पार्टी सरकार चला रही है लेकिन सरकार देश नहीं चला रही। अगर भाजपा दोबारा सत्ता में आती है तो यह चलता रहेगा और अगर गठबंधन सरकार बनती है तो यह नहीं होगा।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि गठबंधन की राजनीति ने एक मजबूत नेता की सरकार के मुकाबले देश को अधिक आर्थिक वृद्धि दी है। सिब्बल ने कहा, ‘‘देश में अब लोकतंत्र की गुणवत्ता 2004 से 2014 के बीच के मुकाबले अलग है लेकिन लोकतंत्र अब भी जिंदा है, बिना यह मायने रखे कि कौन सत्ता में है।’’
उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा चलाई जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पहले सत्ता में होने वाली पार्टी खुद को राज्य में शामिल नहीं करती थी, दोनों अलग रहते थे लेकिन अब इतिहास में पहली बार पार्टी और राज्य के बीच कोई अंतर नहीं है।’’
आरएसएस की ओर इशारा करते हुए प्रतिष्ठित वकील ने कहा, ‘‘नागपुर भारत को चलाता है।’’ आरएसएस का मुख्यालय नागपुर में हैं।


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