पीएम ने कहा, योग हमारे लिए शांति लाता है। योग से शांति केवल लोगों को नहीं मिलती, योग हमारे समाज में भी शांति लाता है। योग हमारे राष्ट्रों और विश्व में शांति लाता है और योग हमारे ब्रह्मांड में शांति लाता है। उन्होंने कहा कि, भारतीय सभ्यता व संस्कृति की अद्भुत धरोहर योग आज दुनियाभर के लोगों के लिए जीवन का हिस्सा ही नहीं है, बल्कि अब वह जीवन जीने की पद्धति बन रहा है।
पीएम ने यह भी कहा कि योग आज ना सिर्फ विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रहा है, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक वैश्विक पर्व बन गया है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक योग घरों और आध्यात्मिक केंद्रों तक सीमित था, लेकिन अब यह विश्व के कोने-कोने तक पहुंच गया है।
आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है
मोदी ने कहा, भारत के आध्यात्मिक केंद्रों ने जिस योग-ऊर्जा को सदियों से पोषित किया, आज वह योग ऊर्जा विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रही है। आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है। आज योग मानव मात्र को निरोग जीवन का विश्वास दे रहा है। कोविड-19 वैश्विक महामारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि द्वीप, महाद्वीप की सीमाओं से परे योग दिवस अब एक वैश्विक पर्व बन गया है। उन्होंने कहा कि योग किसी व्यक्ति के लिए नहीं संपूर्ण मानवता के लिए है। प्रधानमंत्री ने कहा, योग हमारे लिए केवल जीवन का हिस्सा नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति बन रहा है।
योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और मैसुरु शाही परिवार के यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वडियार और ‘‘राजमाता’’ प्रमोदा देवी सहित कई अन्य गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2015 में हुई थी। हर वर्ष 21 जून को दुनिया भर में इसे मनाया जाता है। इस वर्ष के योग दिवस का विषय मानवता के लिए योग है।


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