चेहरे पर बह रहे पसीने की परवाह किए बगैर ट्रांसजेंडर कलाकारों ने अपने अगले कार्यक्रम से पहले यहां ब्लॉक पंचायत कार्यालय में नृत्य का अभ्यास जारी रखा। जब ट्रांसजेंडर कलाकार पारंपरिक शास्त्रीय एवं लोक नृत्य करते-करते बड़ी सहजता से सिनेमाई नृत्य प्रस्तुत करने लगे तो वहां मौजूद लोगों ने उनकी प्रशंसा में तालियां बजायी।
ब्लॉक पंचायत ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया
इन ट्रांसजेंडर कलाकारों के लिए यह केवल एक प्रस्तुति नहीं बल्कि अपनी रोजी-रोटी कमाने का एक साधन है। साथ ही तमाम बाधाओं का मुकाबला करते हुए इस समाज में अपनी उपस्थिति को और अधिक दृश्यमान बनाने का एक प्रयास भी है। ये कलाकार एक अनूठी कला मंडली के सदस्य हैं, जो केरल के कासरगोड जिले के कान्हागढ़ में ब्लॉक पंचायत के सहयोग से गठित अपने तरह का पहला समूह है। ब्लॉक पंचायत ने इस समुदाय द्वारा सामना की जा रही दिक्कतों के मद्देनजर उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
समूह में वर्तमान में 15 से अधिक सदस्य
इस समूह का नाम ‘‘संपूर्ण कला क्षेत्र” है और इसे दक्षिणी राज्य में एक सरकारी निकाय द्वारा शुरू या प्रोत्साहित ट्रांसजेंडर का पहला ऐसा पेशेवर समूह माना जा रहा है। जानीमानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता ईशा किशोर एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं और इस समूह का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह में वर्तमान में 15 से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि इन सदस्यों में से कई के पास कोविड-19 के प्रकोप के बाद कोई स्थायी रोजगार या आजीविका का कोई विशेष साधन नहीं था।
हमें समाज में अधिक स्वीकृति मिलेगी
उन्होंने बताया, “कला और नृत्य में रुचि रखने वाले समुदाय के कई सदस्यों ने एकसाथ आने और एक कला मंडली पंजीकृत कराने का फैसला किया। हमने सोचा, यदि हम एक पंजीकृत समूह के बैनर तले प्रदर्शन करेंगे, तो हमें समाज में अधिक स्वीकृति मिलेगी।” किशोर और साथी ट्रांसजेंडर सदस्यों ने हाल ही में समुदाय के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनके द्वारा आहूत एक बैठक ‘ट्रांसजेंडर सभा’ के दौरान कान्हांगढ़ ब्लॉक पंचायत के समक्ष प्रस्ताव पेश किया जिसे ब्लॉक द्वारा स्वीकार कर लिया गया।


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