प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थलों पर 2जी मोबाइल सेवाओं को 4जी में अपग्रेड करने के लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) परियोजना को मंजूरी दी। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना में 1,884.59 करोड़ रुपये (करों और शुल्कों को छोड़कर) की अनुमानित लागत पर 2,343 वामपंथी उग्रवाद चरण-1 साइटों को 2जी से 4जी मोबाइल सेवाओं में अपग्रेड करने की परिकल्पना की गई है।
संचालन व रखरखाव के फाइनेंस को भी मंजूरी
अपग्रेडेशन का काम सरकारी स्वामित्व वाली बीएसएनएल को दिया जाएगा।मंत्रिमंडल ने 541.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर पांच साल की अनुबंध अवधि से अधिक विस्तारित अवधि के लिए बीएसएनएल द्वारा एलडब्ल्यूई चरण-1, 2जी साइटों के संचालन और रखरखाव लागत के फाइनेंस को भी मंजूरी दी।विस्तार कैबिनेट द्वारा अनुमोदन या 4जी साइटों के चालू होने की तारीख से 12 महीने तक होगा, जो भी पहले हो।
अपग्रेडेशन एसडब्ल्यू क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट व डेटा सेवा को सक्षम करेगा
सरकार ने स्वदेशी 4जी दूरसंचार उपकरण विकसित करने के लिए एक प्रतिष्ठित परियोजना के लिए बीएसएनएल को चुना, ताकि अन्य बाजारों में निर्यात के अलावा घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूरसंचार गियर खंड में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। इस 4जी उपकरण को इस प्रोजेक्ट में भी लगाया जाएगा। अपग्रेडेशन इन एलएसडब्ल्यू क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट और डेटा सेवाओं को सक्षम करेगा।
नक्सली क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की संचार जरूरतों को पूरा करेगा
ठाकुर ने कहा, यह गृह मंत्रालय और राज्य सरकारों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा और इन क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की संचार जरूरतों को भी पूरा करेगा। यह प्रस्ताव ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने और इन क्षेत्रों में मोबाइल ब्रॉडबैंड के माध्यम से विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं, बैंकिंग सेवाओं, टेली-मेडिसिन, टेली-एजुकेशन आदि के वितरण को सुगम बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है।


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