केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकारों के साथ की अभद्रता, कहा- बेकसूर को फंसाया गया, किए गए दिल्ली तलब

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लखीमपुर खीरी कांड में बेटे आशीष मिश्रा को लेकर पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवाल पर वह पत्रकारों पर ही भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे डालीं। मौके पर मौजूद एक टीवी पत्रकार के हाथों से उन्होंने माइक झपट लिया और फोन बंद करने के लिए कहा।

केंद्र की मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। टेनी एक बार फिर विवादों में घिर गए है, लखीमपुर खीरी कांड में बेटे आशीष मिश्रा को लेकर पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवाल पर वह पत्रकारों पर ही भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे डालीं। मौके पर मौजूद एक टीवी पत्रकार के हाथों से उन्होंने माइक झपट लिया और फोन बंद करने के लिए कहा। 

इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है, कि इस घटना के बाद टेनी को केंद्र ने दिल्ली तलब किया है। जानकारी के मुताबिक, बताया गया है कि अजय मिश्रा टेनी 5:30 बजे फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 
पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल  
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में एक बेकसूर व्यक्ति को फंसाया गया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। दरअसल एक टीवी चैनल के पत्रकार ने मंत्री अजय मिश्रा टेनी से उनके बेटे पर बढ़ाई गई धाराओं को लेकर सवाल पूछा था। 
एसआईटी ने धाराएं बढ़ाईं तो उनसे पूछो जाकर…चार्जशीट लग गई क्या?  
इस पर वह भड़क गए और माइक झपट लिया। यही नहीं गालियां देते हुए फोन बंद करने के लिए कहा। मंत्री की पत्रकारों से तीखी बहस हुई। उन्होंने पूछा कि आखिर हमसे क्या जानना चाहते हो? एसआईटी ने धाराएं बढ़ाईं तो उनसे पूछो जाकर…चार्जशीट लग गई क्या? इसके बाद वह एक पत्रकार को मारने के लिए भी दौड़ते हैं। 
मंत्री का यह ‘कारनामा’ अब सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।  बता दें कि मंगलवार को ही लखीमपुर खीरी कांड की एसआईटी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पूरी घटना कोई हादसा नहीं बल्कि साजिश बताया गया है। इसके साथ ही आशीश मिश्रा और अन्य लोगों पर कुछ और गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।  
इस बीच लोकसभा में एक बार फिर से गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाने का मुद्दा उठा है। राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा, ‘धर्म की राजनीति करते हैं, आज राजनीति का धर्म निभाइए, यूपी गए ही हैं तो मारे गए किसानों के परिवारों से मिलकर आइए। अपने मंत्री को बर्खास्त ना करना अन्याय है, अधर्म है!’ बुधवार को उन्होंने लोकसभा में इस मामले पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव भी दिया। 
हालांकि हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार अजय मिश्रा को कैबिनेट से हटाने के नारे लगाते रहे।  
जांच दल एसआईटी की पूरी कार्रवाई   
एसआईटी ने मामले के 13 अभियुक्तों के वारंट में धारा 326 (खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुंचाना), 34 (साझा मंशा से अनेक लोगों द्वारा कृत्य करना) और शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/30 को भी जोड़ने की सिफारिश की थी।केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 अभियुक्तों पर तीन अक्टूबर को खीरी में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर जीप चढ़ाकर उन्हें कुचलने का आरोप है।

Desk Team