कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने ‘पूंजीपति मित्रों’ को ज्यादा अमीर बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि सरकार ड्रोन समेत रक्षा क्षेत्र में अडाणी समूह का एकाधिकार स्थापित करवाने में मदद क्यों कर रही है? रमेश ने कांग्रेस की ‘हम अडाणी के हैं कौन’ श्रृंखला के तहत पिछले कुछ दिनों की तरह बुधवार को भी प्रधानमंत्री से कुछ सवाल किए।
उन्होंने दावा किया, ‘‘यह सार्वजनिक जानकारी में है कि आपके (प्रधानमंत्री) करीबी मित्र गौतम अडाणी आपकी अनेक विदेशी यात्राओं के दौरान आपके साथ गए। 4 -6 जुलाई, 2017 की आपकी इजरायल यात्रा के बाद आपने उन्हें भारत- इजराइल रक्षा संबंधों के संदर्भ में एक लाभ दिलाने वाली प्रभावशाली भूमिका सौंप दी है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के ‘आशीर्वाद’ से अडाणी ने ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, छोटे हथियार और विमान रखरखाव जैसे विविध क्षेत्रों में इज़राइली फर्मों के साथ मिलकर उपक्रम स्थापित किए हैं।
रमेश ने सवाल किया, ‘‘क्या इस तरह के महत्वपूर्ण रक्षा संबंधों को एक ही संदिग्ध समूह को सौंपना हमारे राष्ट्रीय हित में है? क्या आपके और सत्तारूढ़ दल के साथ ये कोई आपसी लेनदेन का मामला है?’’ कांग्रेस महासचिव ने यह भी पूछा, ‘‘सरकार हमारे सशस्त्र बलों की आपातकालीन आवश्यकताओं का लाभ उठाते हुए स्टार्टअप कंपनियों के साथ-साथ स्थापित भारतीय कंपनियों की कीमत पर अडाणी ड्रोन के लिए एकाधिकार स्थापित करने की प्रक्रिया को सुगम क्यों बना रही है?’’
उन्होंने यह सवाल भी किया, ‘‘क्या हमारे सैनिकों के हित आपकी वित्तीय ज़रूरतों के समक्ष गौण हैं ?’’ रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार अपने ‘पूंजीपति मित्रों’ को ज्यादा अमीर बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का इस्तेमाल कर रहे हैं।


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