भारत तरक्की की राह पर दौड़ चला है। जहां भारत अपने हर बल की क्षमता बढ़ाने के लिए अनेक कोशिश कर रहा है। फिर चाहे वह भारतीय आर्मी हो या फिर भारतीय नौसेना ही क्यों ना हो इन दोनों की ही क्षमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े-बड़े कदम उठा रहे हैं। भारतीय नौसेना के लिए एक बड़ी ही अच्छी खबर सामने आई है इसके बाद भारत के नौसेना की स्थिति अन्य शक्तिशाली देश के मुकाबले प्रतिभाशाली बन पाएगी। जी हां केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जिसमें उन्होंने 20,000 करोड़ रुपए की रक्षा परियोजना को मंजूरी दे दी। रक्षा क्षेत्र में सरकार ने मेक इन इंडिया मिशन को और बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना के लिए पांच बड़े समर्थक जहाज के निर्माण की मंजूरी दी है। जिससे सिर्फ हमारा सैन्य बल ही नहीं बल्कि हमारा नौसेना बल भी काफी सक्रिय और मजबूत दिखाई देगा।
20, 000 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण होगी ये परियोजना
केंद्र सरकार ने जिन जहाजों के निर्माण की मंजूरी दी है उन जहाजों में नौसेना के बड़े-बड़े इंधन होंगे हथियार और भोजन भी उपलब्ध रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मां ने तो इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनुमति की लागत लगभग 20, 000 करोड़ रुपए है जिसमें पांच उच्च स्तर वाले जहाज का निर्माण किया जाएगा। इन जहाजों का निर्माण विशाखापट्टनम स्थित रक्षा मंत्रालय का हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड करने वाला है। इन जहाजों को तैयार होने में लगभग 8 साल लगेंगे इनमें से हर जहाज का वजन लगभग 45,000 टन होने वाला है। शिपयार्ड लिमिटेड में 8 सालों के भीतर इन जहाजों के उच्चतम निर्माण के लिए एक लक्ष्य रखा है।
आत्मरक्षा को बढ़ावा देगी ये परियोजना
बताया जा रहा है कि सरकार की इस 20, 000 करोड़ रुपए की परियोजना को 16 अगस्त को उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंजूरी मिली। इन 5 फ्लैट सपोर्ट जहाजों का निर्माण एचएसएल की ओर से किया जायेगा। ये परियोजना भारत आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जायेगा। ख़ास बात ये है की जहाज समुद्र के अंदर चलरहे अभियान के दौरान विभिन्न बेड़ों को भोजन, ईंधन और गोला-बारूद सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करेगा।


Download Android App
Download iOS App



