12th Class Student Performed C-Section : लखनऊ के अंबेडकर नगर में एक प्राइवेट अस्पताल में सीजेरियन सर्जरी कराते हुए एक महिला की मौत हो गई। हैरानी की बात यह कि इस सर्जरी को अंजाम देने वाले आरोपी प्रोफेशनल डाक्टर नहीं बल्कि इनमें से एक 12वीं का छात्र और एक आर्ट्स से ग्रेजुएट है।
पुलिस ने इस घोर लापरवाही के एक मामले में इन दोनों को गैरकानूनी तौर पर अस्पताल चलाने और बिना डिग्री के सर्जरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। बता दें घटना में पीड़ित महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के हवाले से बताया गया है कि अस्पताल पिछले पांच वर्षों से चल रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों ने बासखारी के नवजीवन अस्पताल में बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल सर्टिफिकेट या योग्यता के सर्जरी की।
12th Class Student Performed C-Section : कौन है मृतक

मृतक महिला का नाम प्रियंका है, जिसे 5 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने सीजेरियन ऑपरेशन किया, जिसके बाद प्रियंका ने एक बच्ची को जन्म दिया। हालांकि, सर्जरी के बाद उसे अत्यधिक ब्लीडिंग होने से उसकी हालत बिगड़ती गई।
महिला की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद, आक्रोशित परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद ऑपरेटर, जिसकी पहचान रूबी के रूप में हुई है, मौके से फरार हो गई और अभी तक फरार है।
बासखारी SHO सुनील कुमार पांडे ने बताया कि आरोपी योगेश वर्मा सिर्फ स्नातक है और उसने अपने पिता के साथ काम करते हुए बेसिक हेल्थ ट्रीटमेंट प्रोसेस सीखीं। उसके पिता जलालपुर के CHC में वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत थे।
Uttar Pradesh News : कौन हैं ये फर्जी डाक्टर

जानकारी के अनुसार, योगेश वर्मा सिर्फ ग्रेजुएट है, वो भी आर्ट्स कोर्स ने उसने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। उसके पिता जलालपुर के CHC में वार्ड बॉय के रूप में काम करते थे और उसने उनके साथ काम करते हुए बुनियादी चिकित्सा प्रक्रियाएं सीखीं। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से यह काम कर रहा था।
दूसरा आरोपी शुभम विश्वकर्मा सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बेलवाई स्थित बजरंग नर्सिंग होम से जुड़ा है। दोनों आरोपी नवजीवन अस्पताल में सर्जरी करने के लिए बुलाए जाने पर आते थे।
Illegal C-Section In Lucknow : सस्ते के चक्कर में कराते थे औपरेशन

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपी योग्य सर्जनों की तुलना में प्रति सिजेरियन ऑपरेशन 3,000 से 5,000 रुपये लेते थे, जिससे गरीब मरीज आकर्षित होते थे। यानी ये सस्ते सर्जन है, जिस चलते इलाके के लोग इनसे अपनी सर्जरी करवाते थे।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि अन्य अस्पतालों की पहचान की जा सके जहां ये सर्जरी के लिए जाया करते थे।
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