उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 4583 नये मामले सामने आये है। जबकि इस महामारी के कारण 54 मरीजों की मौत होने से मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है, बुधवार को मृतक संख्या बढ़कर 2230 हो गई। इसपर अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 24 घंटे के अंदर 4583 नये मामले सामने आये जबकि संक्रमण के उपचार करा रहे लोगों की संख्या 49, 347 है।
प्रसाद ने बताया कि कुल 84, 661 लोग पूर्णतया उपचारित होकर अपने घर चले गये हैं जबकि संक्रमण के कारण कुल 2230 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में 1, 36, 238 मामले कोरोना संक्रमण के हैं। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में सबसे अधिक सात मौतें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुईं है। कानपुर नगर में छह मौतें हुई, गोरखपुर में पांच और बरेली में चार लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है। संक्रमण की वजह से अब तक सबसे अधिक 284 मौतें कानपुर नगर में हुई हैं। लखनऊ में 168, मेरठ में 119, वाराणसी में 110 और आगरा में 102 लोगों की मौत इस संक्रमण से हो चुकी है।
बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 475 नये मामले लखनऊ में सामने आये है। बस्ती में 306, कानपुर नगर में 232, प्रयागराज में 227 और गोरखपुर में 224 नये मामले सामने आये। इसके साथ ही प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को 97, 911 नमूनों की जांच की गई और अब तक कुल 34, 12, 346 नमूनों की जांच हो चुकी है । उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जो हर दिन सर्वाधिक जांच कर रहा है ।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मंगलवार को पूल टेस्टिंग के माध्यम से पांच-पांच सैम्पल के 3083 पूल लगाये गये, जिनमें से 522 पॉजिटिव निकले जबकि दस-दस सैम्पल के 164 पूल लगाये गये, जिनमें से 23 पॉजिटिव पाये गये। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल एक्टिव केसेज में से 21, 758 लोग होम आइसोलेशन यानी घर पर ही एकांतवास में हैं । ये लोग लक्षण रहित हैं और घर पर रहकर ही स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं ।
प्रसाद ने बताया कि 39, 678 लोग अब तक घर पर पृथकवास में भेजे जा चुके हैं जबकि 17, 920 लोगों का घर पर पृथकवास समाप्त हो चुका है । भुगतान के आधार पर निजी चिकित्सालयों में 1627 लोग इलाज करा रहे हैं जबकि सेमी पेड एल-1 प्लस सुविधाओं यानी होटलों में 196 लोग हैं, जिनका इलाज सरकारी चिकित्सक दल कर रहा है ।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक अगस्त से 11 अगस्त के बीच जो नमूने जांचे गए, उसके आधर पर पॉजिटिविटी का प्रतिशत 4 . 8 प्रतिशत है यानी कुल मिलाकर पॉजिटिविटी पांच प्रतिशत से कम रही है । इस महीने में संक्रमण की संख्या ज्यादा होने के बाद भी यह कम रही है । भारत सरकार कहती है कि पॉजिटिविटी पांच प्रतिशत के अंदर रखने का प्रयास करना चाहिए ।
प्रसाद के मुताबिक सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी पांच जनपदों कानपुर नगर, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज और लखनऊ में रही जबकि अगस्त महीने में सबसे कम पॉजिटिविटी हाथरस, बागपत, महोबा, कासगंज और बुलंदशहर में रही । उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप का हम निरंतर उपयोग कर रहे हैं और अब तक 8, 42, 800 ऐसे लोगों को कॉल किया जा चुका है, जिन्हें आरोग्य सेतु के माध्यम से एलर्ट आये। फोन स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से किये गये।
अपर मुख्य सचिव का कहना है कि ई-संजीवनी पोर्टल का भी अब लोग काफी उपयोग कर रहे हैं । आप आसानी से अपने फोन नंबर से इसका पंजीकरण करा सकते हैं । अगर आपके पास इंटरनेट सुविधा है तो फोन, लैपटाप या टैबलेट के जरिए आप डाक्टर की सलाह प्राप्त कर सकते हैं । इसमें चिकित्सक से वीडियो कालिंग होती है और वह परामर्श देते हैं तथा दवाई भी बताते हैं ।
उनके मुताबिक, मंगलवार को 1523 लोगों ने ई-संजीवनी के माध्यम से घर बैठे डाक्टरों की सलाह प्राप्त की । अब तक 24, 663 लोग इस पोर्टल का लाभ उठा चुके हैं । इस कार्य में बहराइच आगे चल रहा है । हरदोई और मेरठ के लोग भी लगातार इसका लाभ उठा रहे हैं । ये तीन जनपद इस पोर्टल का सबसे अधिक लाभ उठा रहे हैं । प्रसाद ने प्रदेश की जनता से अनुरोध किया कि वह इस पोर्टल का लाभ उठायें, खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग इसका लाभ उठायें । ऐसे लोगों को अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलना चाहिए ।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 हेल्पडेस्क का निरंतर संजाल फैल रहा है और हम लगातार नेटवर्क बढ़ा रहे हैं । अब तक कार्यालयों और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में 61, 831 कोविड-19 हेल्पडेस्क बनाये जा चुके हैं । इन हेल्पडेस्क पर इन्फ्रारेड थर्मोंमीटर, पल्स आक्सीमीटर और सेनेटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होती है । इसके अच्छे परिणाम आये हैं और कुल 6, 43, 991 लक्षण वाले लोगों को हम चिन्हित कर चुके हैं । उनके नमूने लेकर जांच की गयी है।
निगरानी के बारे में प्रसाद ने बताया कि निगरानी का कार्य 53, 913 इलाकों में किया गया और 1,69,12,280 घरों में 8,51,85,977 लोगों का इसके तहत सर्वेक्षण किया गया ।


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