उत्तर प्रदेश के बरेली फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार शुक्ला ने 3 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में शनिवार को भमौरा थाना क्षेत्र के 75 वर्षीय व्यक्ति को सात साल कैद की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
सरकारी वकील सुरेश बाबू साहू के मुताबिक 75 वर्षीय अशफाक अहमद उर्फ अल्लाह रक्खा पर तीन वर्ष की मासूम बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश का आरोप सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई गई है। अशफाक अहमद पड़ोसी की बेटी को बहाने से अपने घर की छत पर ले जाकर दुष्कर्म की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था।
अदालत में 10 साल तक सुनवाई चली। सबूतों और गवाही के आधार पर अदालत ने कहा कि अभियुक्त ने तीन साल की बच्ची से दुराचार का प्रयास किया, जो पूरे समाज को स्तब्ध करने वाली घटना है। सुरेश बाबू ने बताया कि दस वर्ष पहले मासूम बच्ची के पिता ने भमौरा थाने में अशफाक के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई थी तथा उसके बेटे जावेद के खिलाफ तहरीर दी थी।
उन्होंने बताया कि अदालत ने अशफाक को दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया, लेकिन उसके बेटे जावेद को बरी कर दिया। अदालत ने आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।


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