उत्तर प्रदेश सरकार ने संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगामी पांच वर्षों के रोड मैप को मंजूरी दी है।
राज्य के मुख्य सचिव एवं संजय गांधी परास्नातक आर्युविज्ञान संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 अनूप चन्द, पाण्डेय बुधवार को यहां लोक भवन में पीजीआई संस्थान की 31वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने 2019-23 के रोड मैप को मंजूरी प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि पांच पीजीआई में इमरजेन्सी मेडिसिन सेण्टर रीनल ट्रांसप्लान्ट सेण्टर, रोबोटिक सर्जरी सेण्टर, मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हेल्थ इनफारमेटिक सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स, इनडोर सेवाओं के विस्तार के लिए युद्ध स्तर पर कार्यवाही की जाए।
उन्होंने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) द्वारा जारी अखिल भारतीय रैंकिंग-2019 में एसजीपीजीआई को चौथा स्थान प्राप्त होने पर निर्देश दिये कि प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जाएं।
डॉ’ पाण्डेय ने कहा कि संस्थान ने विगत वर्षों में अपनी गुणवत्ता पूर्ण पेशेन्ट केयर सेवाओं के कारण प्रदेश ही नहीं देश के चिकित्सा क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाया है। संस्थान रेफरेल नेटवर्क एवं मेडिसिन एवेयरनेस के कारण ही लोकप्रियता हासिल की है इसे कायम रखना होगा।
बैठक में प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, रजनीश दुबे, संस्थान के निदेशक प्रो0 राकेश कपूर तथा केजीएमयू के नामित प्रतिनिधि मौजूद थे।


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