माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। वह झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मुलाकात करने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। कभी उत्तर प्रदेश में जिस परिवार की तूती बोलती थी, आज उसका कुनबा खत्म होता दिख रहा है। पिछले तीन साल से इनके परिवार पर खतरा मंडरा रहा है। आइए जानते हैं कि कैसे माफिया अतीक अहमद का परिवार धीरे-धीरे उजड़ता गया।
अतीक अहमद के कितने बेटे हैं?
अतीक अहमद और शाहिस्ता के 5 बेटे हैं, उमर अहमद, अली अहमद, असद अहमद, अहजम अहमद और अबान अहमद। इसमें से 2 बेटों की मौत हो गई, 2 जेल में बंद, 1 बेटा और बीवी फरार है।
कैसे एक तांगे वाले का बेटा बना डॉन?
अतीक अहमद के पिता हाजी फिरोज इलाहाबाद में तांगा चलाया करते थे। अतीक पढ़ाई में काफी कमजोर था, इसलिए उसने जल्द ही स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी। अमीर बनने का शॉर्टकट रास्ता तलाशते हुए वह अपराध की दुनिया में उतर गया। 1979 में सिर्फ 17 साल की उम्र में अतीक पर हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ था। उन दिनों इलाहाबाद में ‘चांद बाबा’ नाम के एक खूंखार अपराधी का आतंक था, जिससे पुलिस और नेता दोनों परेशान रहते थे। अतीक ने इसे अपना बड़ा मौका समझा और पुलिस-नेताओं की मदद से चांद बाबा को रास्ते से हटा दिया। इस एक वारदात ने अतीक को रातों-रात इलाहाबाद का नया ‘डॉन’ बना दिया।
एक-एक करके ऐसे खत्म हुआ अतीक का साम्राज्य

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का आरोप माफिया अतीक अहमद और उसकी गैंग पर लगा, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ (STF) ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई के दौरान एक-एक करके अतीक के गुर्गे मारे गए:
- 27 फरवरी 2023– पुलिस ने एनकाउंटर में अरबाज को ढेर कर दिया। आरोप था कि वही उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार चला रहा था और वह अतीक का बहुत करीबी था।
- 6 मार्च 2023- हत्याकांड का दूसरा आरोपी विजय चौधरी उर्फ उस्मान भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस का दावा था कि इसी ने उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी।
- 13 अप्रैल 2023- घटना के करीब 50 दिन बाद, एसटीएफ ने अतीक के तीसरे बेटे असद और उसके साथी गुलाम को झांसी में घेर लिया। पुलिस पर फायरिंग करने के बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए।
ऐसे मारा गया माफिया अतीक और उसका भाई
अतीक अहमद पर साल 2016 में सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारियों पर हमला करने का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इसके कुछ साल बाद, 2019 में उसे दोबारा गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। जब 2023 में उमेश पाल हत्याकांड हुआ, तो उसमें भी अतीक का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में जुड़ा। जांच में सामने आया कि वह जेल के अंदर से ही अपने पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा था।

13 अप्रैल 2023 को जब अतीक को किसी मामले की पेशी के दौरान झांसी लाया गया, तो उसे वहीं अपने बेटे असद के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर मिली। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 15 अप्रैल 2023 की रात को, पुलिस अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद को प्रयागराज में एक मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी। तभी अस्पताल के बाहर मीडियाकर्मी बनकर आए तीन शूटर्स ने भारी सुरक्षा के बीच दोनों भाइयों के सिर में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। तीनों हमलावरों की पहचान लवकेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह के रूप में हुई थी।
परिवार में कितने लोग बचे हैं?
कभी करोड़ों की संपत्ति, हथियार और रुतबे के दम पर अपराध करने वाले अतीक अहमद के परिवार की कहानी में एक और मौत का अध्याय जुड़ चुका है। इस परिवार की पिछले तीन सालों में हत्या, हादसे और गिरफ्तारी ने तस्वीर बदलकर रख दी। अब परिवार में पत्नी शाहिस्ता, फरार चल रहा बेटा अहजम, जेल में बंद बेटा उमर और अली ही बचा है।
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